केंद्रीय ट्रेड यूनियनों व संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर नारनौल में पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस से महावीर चौक तक रोष मार्च निकाला गया। इसके बाद महावीर चौक पर बजट की प्रतियां जलाई। इस अवसर पर एआईयूटीयूसी के जिला प्रधान मास्टर सुबे सिंह, उप प्रधान सीताराम, जिला सचिव छाजूराम रावत, उपाध्यक्ष शेर सिंह, ऑल इंडिया किसान खेत-मजदूर संगठन के जिला सचिव डॉ. व्रतपाल सिंह, पूर्व जिला प्रधान अभय सिंह, हंसराज, रामस्वरूप नंबरदार, स्कीम वर्कर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कृष्णा देवी, मिड डे मील यूनियन हरियाणा से बिमला, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका यूनियन हरियाणा से कमलेश, भवन निर्माण कारीगर मजदूर यूनियन के जिला सचिव महावीर प्रसाद गोद, रामौतार, ग्रामीण ट्यूबवेल ऑपरेटर यूनियन के जिला प्रधान महेंद्र सिंह चौहान, जिला सचिव सुरेंद्र कुमार मकसुसपुरिया, विक्रम सिंह, मनरेगा मजदूर यूनियन नारनौल ब्लाक सचिव बाला देवी व उप प्रधान सुमन, एआईडीवाईओ के जिला सचिव सतीश कुमार, वरिष्ठ नागरिक समाज से रामोतार यादव व भीमसेन सहित अनेक लोग मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि बजट 2025-2026 कॉर्पोरेट जगत के हक में और श्रमिकों, किसान, बेरोजगार युवा, छात्र और महिलाओं की उम्मीदें चकनाचूर करने वाला है। इसमें आवश्यक वस्तुओं की महंगाई से जनता को कोई राहत नहीं है। नौकरी के नुकसान और बेरोजगारी वृद्धि मुख्य दिशा है। बजट 2025-2026 ने एक बार फिर से बड़े व्यापार व कॉरपोरेट घरानों के लाभ के लिए रास्ता खोल दिया है। यह बजट अभूतपूर्व बेरोजगारी की स्थिति से निपटने को तवज्जो देने में पूरी तरह नाकाम है, यह कृषि संकटों को बढ़ाता है। निजीकरण की पॉलिसी की निरंतरता से अनियंत्रित मुद्रास्फीति के परिणामस्वरूप आवश्यक वस्तुओं की कीमतें और बढ़ेंगी। जिसके विरोध में अनेक संगठनों के लोगों ने रोष मार्च निकालकर बजट की प्रतियां जलाई।