क्षेत्र के गांव चिड़िया में मंगलवार को सामाजिक समानता और महिला सम्मान का अद्भुत उदाहरण देखने को मिला, जब गांव निवासी पिता सत्यवीर, माता मनोज एवं दादा कप्तान जयभगवान ने अपनी बेटी का घोड़ी पर बनवारा निकालकर क्षेत्र में बेटी-बेटा समानता का संदेश दिया। परंपरागत रूप से यह प्रथा अधिकतर बेटों के लिए होती है, लेकिन इस अनोखी पहल ने पूरे गांव का ध्यान आकर्षित किया। बनवारा ढोल-नगाड़ों, डीजे और महिलाओं के मंगल गीतों के साथ पूरे गांव में निकाली गई। ग्रामीणों ने जगह-जगह फूल वर्षा कर बेटी का स्वागत किया, वहीं वातावरण उत्साह और गर्व से भरा हुआ दिखाई दिया। पिता सत्यवीर और माता मनोज ने कहा की बेटियां किसी भी मामले में बेटों से कम नहीं हैं। समाज को अब सोच बदलनी होगी। आज हमारी बेटी ने हमें गौरवान्वित किया है और हम उसे वही सम्मान देना चाहते हैं जो एक बेटे को मिलता है।