नारनौल में बनकर तैयार होने वाला दो सौ बेड अस्पताल की नींव सीवर का पानी कमजोर कर रहा है। अभी निर्माण कार्य के लिए दोबारा से टेंडर भी जारी नहीं हुआ है। वहीं जहां तक भवन का निर्माण हुआ है वह भी जलमग्न है। ऐसे में बनकर तैयार होने से पहले ही भवन की नींव कमजोर हो रही है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने पीडब्ल्यूडी बीएंडआर को पत्र भी लिखा था। जिसके बाद पीडब्ल्यूडी की तरफ से नई सीवर लाइन भी डाली गई थी ताकि बेसमेंट में जलभराव की समस्या से निजात मिल सके। लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। अब पीडब्ल्यूडी की तरफ से दोबारा लाइन की जांच की जाएगी ताकि लीकेज के बारे में पता चल सके। बता दें कि अस्पताल भवन के निर्माण की घोषणा 2019 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ने की थी और 2021 में निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया था। लेकिन इसके बाद से निर्माण कार्य में तेजी नहीं आई और आखिरकार एजेंसी का टेंडर रद्द करना पड़ा। इस भवन के निर्माण के लिए करीब 45.10 करोड़ रुपये टेंडर छोड़ा गया था। अब फिर से टेंडर छोड़े जाने की तैयारी चल रही है। अधूरा पड़ा भवन का करीब 24 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है।