मातृ दिवस पर निजामपुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान महिला चिकित्सा अधिकारी सोनिका सोनी ने गर्भवती एवं धात्री महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें जरूरी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी और मातृ दिवस की शुभकामनाएं दीं। जिला कार्यक्रम अधिकारी शालू यादव ने कहा कि मां त्याग, प्रेम और संस्कार की प्रतिमूर्ति होती है तथा परिवार और समाज की मजबूत नींव माताओं के योगदान से ही तैयार होती है। चिकित्सा अधिकारियों ने कहा कि मातृ स्वास्थ्य और महिलाओं की देखभाल परिवार एवं समाज की प्राथमिक जिम्मेदारी है। वहीं शिक्षकों ने कहा कि बच्चों की पहली गुरु मां होती है, जो जीवन के हर मोड़ पर मार्गदर्शन करती है। गृहिणी महिलाओं ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए मातृत्व को जीवन का सबसे अनमोल सुख बताया। मातृत्व महिला सोनी मिश्रा ने कहा कि मां बनना एक एहसास है और उसे हर दिन निभाना सबसे बड़ी ताकत है। बच्चों की पहली दोस्त, पहली टीचर और सबसे सुरक्षित जगह मां ही होती है। प्रोग्राम एंकर कनिका ने कहा कि बच्चे चाहे कितने भी बड़े हो जाएं, मा के लिए हमेशा छोटे ही रहते हैं। उनकी खुशी और सफलता ही मां के लिए सबसे बड़ी दौलत होती है। डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम एसोसिएट मंजू कंवर ने कहा कि मां प्यार, त्याग, समर्पण और सम्मान का प्रतीक है, जो बिना किसी भेदभाव के सुख-दुख में बच्चों के साथ रहती है। प्रधानाचार्य अनीता दहिया ने कहा कि मां जीवन की पहली पाठशाला होती है, जो बच्चों को संस्कार, अनुशासन और मानवता के मूल्य सिखाती है। मेडिकल ऑफिसर सोनिका सोनी ने कहा कि अस्पताल में रोज यह देखने को मिलता है कि मां हर मुश्किल में सबसे पहले परिवार के साथ खड़ी रहती है। मातृ दिवस माताओं के त्याग, धैर्य और प्रेम को सम्मान देने का अवसर है।