नारनौल जिला बार एसोसिएशन नारनौल की ओर से सोमवार रात को ऑडिटोरियम हॉल मिनी सचिवालय में हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य रूप से प्रख्यात कवि सुरेंद्र शर्मा मौजूद रहे। उन्होंने अपनी रचनाओं से सभी को हंसने के लिए मजबूर कर दिया। कवि सुरेंद्र शर्मा ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में फैली बुराइयों पर भी व्यंग्य किए। कवि सम्मेलन कहा कि एक एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी से कहा कि मैं छोरा न राम बनने की प्रेरणा दे रहा हूं कितना अच्छा कार्य करता हूं। इस पर घरवाली बोली मैं जानू हूं क्यों छोरा न राम बनाना चाह रहे हो। इस पर आगे कहा कि छोरा न राम बना के आप भी दशरथ की तरह तीन शादी करना चाहो हो। उन्होंने कहा कि मैं बार का मतलब पहले कुछ ओर ही समझा था, मगर बाद में पता चला कि वकीलों की बार अलग होती है, उसमें वो नहीं होता, जो अन्य बार में होता है। बार एसोसिएशन नारनौल के प्रधान संतोख सिंह ने बताया कि इस विशिष्ट आयोजन का उद्देश्य अधिवक्ताओं के व्यस्त एवं चुनौतीपूर्ण जीवन में साहित्यिक ऊर्जा का संचार करना था। जिससे वे कुछ समय के लिए मानसिक तनाव से दूर होकर काव्य-रस में डूब सकें। यह आयोजन वकील समुदाय को एक नई साहित्यिक दिशा, उत्साह और आनंद देने का प्रयास है।