बारिश होते ही यूरिया की मांग बढ़ गई है। जिसकी वजह से किसान सुबह छह से सात बजे ही खाद बिक्री केंद्र पर पहुंचने शुरू हो जाते हैं। इनमें महिला किसान भी शामिल है, जो घर का कार्य छोड़कर यूरिया के लिए लाइनों में लगने को मजबूर है। नारनौल कोऑपरेटिव सोसायटी में मंगलवार रात को 500 बैग ओर पहुंच गए। जिसके लिए दूर-दराज गांव से सुबह ही किसान खाद केंद्र पर एकत्रित होने शुरू हो गए थे। खाद केंद्र पर विभाग से संदेश आने में देरी के कारण करीब डेढ घंटे बाद खाद वितरण शुरू हो पाया। जिस कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं खाद केंद्र पर खाद की सीमित उपलब्धता और किसानों की अधिक भीड़ के कारण एक आधार कार्ड से केवल दो बैग यूरिया के दिए गए। जिस कारण उन किसानों को सबसे अधिक समस्या का सामना करना पड़ा, जिन्हें दो से अधिक यूरिया बैग की आवश्यकता थी। इन दिनों खाद की मांग इतनी जबरदस्त बनी हुई है कि सरकारी खाद केंद्र के अलावा निजी खाद केंद्र पर भी किसानों को लाइन में लगना पड़ रहा है। निजी खाद केंद्र पर किसान करीब 50 रुपये अधिक मूल्य में खाद खरीद रहे हैं।