निजामपुर। हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा की केंद्रीय परिषद के आह्वान पर बुधवार को एसई ऑपरेशन नारनौल कार्यालय परिसर में बिजली कर्मचारियों और अधिकारियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों ने डीसी कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला और जिला उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार को मांगपत्र सौंपा। विरोध प्रदर्शन की अध्यक्षता हरियाली पावर एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं कार्यकारी अभियंता (एक्सईएन) शिवराज सिंह चौहान ने की, जबकि मंच संचालन केंद्रीय परिषद के सह-सचिव सुभाष रोहिल्ला ने किया। संघर्ष मोर्चा द्वारा सौंपे गए मांगपत्र में एंग्री डिस्कॉम योजना रद्द करने, गुरुग्राम में बिजली क्षेत्र के निजीकरण पर रोक लगाने, कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने, रिस्क अलाउंस देने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने तथा ऑनलाइन नीतियों को बंद करने की मांग प्रमुख रूप से शामिल की गई। इस विरोध प्रदर्शन में महेन्द्रगढ़ डिवीजन और नारनौल डिवीजन के बड़ी संख्या में बिजली कर्मचारियों और अधिकारियों ने भाग लिया। प्रदर्शन में मुख्य रूप से सत्यवान यादव (सर्कल एससी), नवीन यादव (प्रधान), सत्यप्रकाश प्रधान, प्रमोद (यूनिट फैक्ट्री), अनिल, लोकेश (एसडीओ), महेन्द्रपाल (एसएसई), विनोद यादव (प्रधान), बिरेन्द्र यादव (प्रधान, नारनौल), नवीन (यूडीसी), भूपेंद्र (यूडीसी), सोमदत्त (एएफएम), सत्यवीर (एससी), जितेंद्र डॉंगी, चंद्रजीत यादव, राकेश यादव (उपप्रधान, यूनिट नारनौल), वीरेंद्र, बलवान, विनीत और सूरेन्द्र यादव सहित विभिन्न सब-यूनिटों के प्रधान, सचिव, कार्यकारिणी सदस्य और कर्मचारी साथी मौजूद रहे। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो संयुक्त संघर्ष मोर्चा आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होगा।