जिले भर में मंगलवार को महर्षि वाल्मीकी जयंती हर्षोल्लास व धूमधाम से मनाई गई। सामाजिक व अन्य संस्थाओं की ओर से जगह-जगह कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जहां महर्षि वाल्मीकी को नमन किया गया तो उनके आर्दशों को जीवन में उतारे जाने का भी आह्वान किया गया। मुख्य कार्यक्रम का आयोजन महर्षि वाल्मीकी मंदिर एवं आश्रम में किया गया, जहां कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी मुख्यातिथि रहे। उन्होंन इस दौरान कहा कि धर्मनगरी का महर्षि वाल्मीकि मंदिर वाल्मीकि समाज की अंतरराष्ट्रीय राजधानी बनेगा। भगवान वाल्मीकि ने महाकाव्य रामायण की रचना कर दुनिया के नागरिकों को जीवन दर्शन दिखाया था। सृष्टि के लोगों को बताया कि व्यक्ति का व्यवहार और आचरण कैसा होना चाहिए। महर्षि वाल्मीकि दुनिया की सबसे बड़ी समरसता को लिखने वाले महापुरुष हैं। इतना ही नहीं अब महापुरुषों के नाम पर शिक्षण संस्थान स्थापित किया जा रहे हैं। देश में सनातन धर्म को दोबारा से जीवित किया जा रहा है और वर्ष 2047 तक सनातन भारत पूर्ण रूप से विकसित होगा।