कुरुक्षेत्र: करीब 20 साल पहले नगर प्रशासन की ओर से पशु रोकने के लिए बनाए बाड़े से अपना सफर शुरू कर पूरे जिला व आसपास के क्षेत्र में मॉडल रूप ले चुकी गांव बाहरी स्थित महादेव गोशाला अब गो सरंक्षण एवं गोसंवर्धन की ओर कदम बढ़ा चुकी है। यह अब बहुमंजिला भी होगी और गोवंशों का ठिकाना पहली व दूसरी मंजिल पर भी होगा। इसके लिए गोशाला समिति की ओर से तैयारियां भी शुरू कर दी गई है। बारिश का सीजन पूरा होते ही निर्माण कार्य शुरू किए जाने की योजना है। गोशाला में देशी गाय को भी बढ़ावा देने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। फिलहाल यहां 35 से अधिक देशी गाय है तो भविष्य में इनकी संख्या और भी बढ़ाए जाने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। गोशाला में व्यवस्था को देख हर कोई हैरान रह जाता है। छह स्तर पर बंटी गोशाला में वर्तमान में 100 से ज्यादा नंदी भी है तो वहीं 30 गाय दूध भी दे रही है। इनके साथ ही दो साल तक के 90 बच्चे भी गोशाला में हैं। एक ओर जहां दूध देने वाली गायों को रखा जाता है तो वहीं एक ओर नंदी रखे जाते हैं। एक ओर देशी गाय रखी जा रही है तो वहीं बछड़े-बछ़डियों के लिए भी अलग से शैड बनाया हुआ है। गर्भवती गायों को अलग से रखा जाता है तो वहीं बीमार गोवंश के लिए अलग से व्यवस्था की हुई है।