मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पिहोवा में आयोजित सरस्वती महोत्सव के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे। उन्होंने पवित्र स्थल पर मां सरस्वती के पुनर्धार के लिए 63 करोड़ 86 लाख रुपए की लागत के 26 परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास किए। उन्होंने कहा कि यह सरस्वती महोत्सव हमारी प्राचीन सभ्यता और संस्कृति के पुनर्जागरण का पर्व है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में आज सरस्वती महोत्सव का समापन समारोह आयोजित किया गया। यह सामूहिक आयोजन इस बात का प्रमाण है कि सरस्वती केवल नदी नहीं बल्कि एक सांस्कृतिक सूत्र है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में भी सरस्वती नदी को 75 प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ मिलकर फिर से प्रवाहित करने का गति से कार्य चल रहा है। वर्ष 2015 में हरियाणा सरस्वती हेरिटेज बोर्ड की स्थापना की गई। बोर्ड का उद्देश्य गहन शोध कर सरस्वती नदी को पुनर्जीवित करना है। सरस्वती से जुड़े प्रमुख तीर्थ स्थलों को सरस्वती तीर्थ के रूप में विकसित करना हमारी सरकार का लक्ष्य है। नदी के निरंतर प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए हिमाचल सरकार के साथ ऐतिहासिक समझौता किया गया है। पिछले 10 वर्षों में सरस्वती नदी के रास्तों पर 18 नए पुलों का निर्माण किया गया है।आज पूरा देश बसंत पंचमी के साथ-साथ नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्म दिवस को भी पराक्रम दिवस के रूप में मना रहा है। आज के ही दिन कुरुक्षेत्र भी अस्तित्व में करनाल से निकलकर आया।