करनाल कांग्रेस के संयोजक और मुख्यमंत्री के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले त्रिलोचन सिंह ने कांग्रेस को अलविदा कहकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया है। उनके इस कदम से करनाल की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। त्रिलोचन सिंह ने कांग्रेस छोड़ने के पीछे पार्टी में अपनी अनदेखी और विश्वासघात को कारण बताया। उन्होंने कहा कि मेरा कांग्रेस में दम घुट रहा था। पार्टी में मेरी अनदेखी हो रही थी और चुनाव के दौरान मेरे साथ धोखा हुआ।