माई सिटी रिपोर्टर करनाल। प्रदेश में स्टिल्ट प्लस चार मंजिला भवनों में पड़ोसी व प्लॉट मालिक की एनओसी की शर्त हटनी चाहिए। क्योंकि इस शर्त से लोग दूसरों पर निर्भर हो रहे हैं। यह मांग हरियाणा प्रॉपर्टी कंसलटेंट्स महासंघ ने उठाई। संघ ने सरकार से मांग की कि वर्टिकल डेवलमेंट को बढ़ावा दिया जाए ताकि कृषि योग्य भूमि भी बची रहे। इसके अलावा संघ ने तहसीलों में रजिस्ट्री आवेदन की संख्या सीमित करने की नीति को भी रद करने की मांग उठाई है। शनिवार को महासंघ की एक होटल में प्रदेश स्तरीय बैठक हुई। जिसमें 18 जिलों से प्रतिनिधि पहुंचे। न्यू करनाल डीलर एसोसिएशन के सहयोग हुई बैठक में सभी ने अपने जिलों में महासंघ के विस्तार का संकल्प लिया। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल और चेयरमैन नरेंद्र यादव ने की। पदाधिकारियों ने एचएसवीपी, तहसीलों एवं अन्य सरकारी विभागों में व्याप्त व्यावहारिक कठिनाइयों और अधिकारियों की मनमानी कार्यप्रणाली पर भी चर्चा की। निर्णय लिया कि मांगों को लेकर महासंघ शीघ्र ही मुख्यमंत्री से मुलाकात करके ज्ञापन देगा। इस अवसर पर प्रदेश महासचिव गुरमीत सिंह देओल, प्रवीण वर्मा, सुरेंद्र राठी और संजय गुप्ता मौजूद रहे। ब्यूरो ये रखीं प्रमुख मांगें- - ट्रांसफर परमिशन के मामलों में अंतिम चरण में बिना कारण एवं सुनवाई के आवेदन निरस्त करने पर रोक लगे। - ऑनलाइन एवं पेपरलेस प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद भी समय पर री-अलॉटमेंट जारी न करने की समस्या का स्थायी समाधान हो। - तहसीलों में रजिस्ट्री आवेदन की संख्या सीमित करने की नीति समाप्त कर कार्यक्षमता बढ़ाएं ताकि परेशानी एवं भ्रष्टाचार पर रोक लगे। - स्टिल्ट प्लस चार मंजिला भवनों में पड़ोसी अथवा खाली प्लॉट मालिक से एनओसी लेने की अनिवार्यता समाप्त की जाए। - खाना काश्त रजिस्ट्रियों एवं जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (जीपीए) के पंजीकरण हेतु जिला स्तर पर सॉफ्टवेयर में आवश्यक प्रावधान किए जाए।