प्राचीन शिव मंदिर फुसगढ़ और समस्त ग्रामीणों की ओर से छठ पूजा मैदान, उत्तम नगर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में प्रवचन करते हुए देवी नेहा सारस्वत ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा सुनने का सौभाग्य बहुत कम लोगों को प्राप्त होता है। यह केवल एक जन्म का नहीं, बल्कि अनंत जन्मों के पुण्यों का फल है कि मनुष्य को कथा श्रवण का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि जब भी जीवन में अवसर मिले, इस भक्ति रुपी सागर में श्रद्धा की डुबकी अवश्य लगानी चाहिए। कथा केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि आत्ममंथन और मन के शुद्धिकरण का माध्यम है। जो लोग केवल मनोरंजन की भावना से कथा में आते हैं, वे इसके वास्तविक महत्व को नहीं समझ पाते और पाप के भागीदार बन जाते है। देवी नेहा सारस्वत ने आगे कहा कि हमें प्रतिदिन गोवंश की पूजा करनी चाहिए और उन्हें चारा खिलाना चाहिए। इससे घर-परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है तथा सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इस अवसर पर पार्षद पप्पु लाठर, जगमाल लाठर, कुलविंद्र पूनिया, नवीन पूनिया, सुनील ताठर, अमित पूनिया और अंकित के साथ अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।