करनाल जाट भवन में जाट महासभा की ओर से एक भव्य सर्वजातीय सम्मेलन और महापुरुष सम्मान दिवस समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महासभा के अध्यक्ष भूपेंद्र लाठर ने अपने विचार रखते हुए कहा कि यह आयोजन केवल एक सभा नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और समरसता का संदेश देने का माध्यम है। भूपेंद्र लाठर ने कहा कि महापुरुषों और वीरों ने अपने बलिदान से देश को आजादी दिलाई, लेकिन उन्होंने हमें जाति और धर्म के बंधनों से ऊपर उठकर समाज और राष्ट्र के लिए कार्य करने की सीख भी दी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब कोई व्यक्ति अपने बेटे की शादी के लिए बारात लेकर जाता है, तो वहां जाति और धर्म नहीं देखे जाते, बल्कि रिश्तों की मर्यादा और सम्मान का ध्यान रखा जाता है। इस अवसर पर हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ने भी सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि समाज को एकजुट होकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है। उन्होंने महाराजा सूरजमल के योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन में कई युद्ध लड़े, लेकिन कभी हार नहीं मानी। उनका संघर्ष हिंदू समाज और देश की रक्षा के लिए था, और हमें उनके बताए मार्ग पर चलने की प्रेरणा लेनी चाहिए। शिक्षा मंत्री ने फतेहाबाद और हिसार में समाज द्वारा किए गए सेवा कार्यों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि संकट के समय समाज के लोगों ने अपने दिल, धन और संसाधनों के दरवाजे खोल दिए। अस्पतालों में दवाइयों से लेकर हर जरूरत को पूरा करने के लिए समाज ने एकजुटता का परिचय दिया। उन्होंने समाज के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया और इस एकता को बनाए रखने का आह्वान किया।