करनाल के जाणी गांव के 24 वर्षीय साहिल ने शनिवार को पश्चिमी यमुना नहर में कूदकर आत्महत्या कर ली। सोमवार को उसका शव बड़ौता गांव के पास नहर में एक पुल के समीप बरामद हुआ। साहिल के पिता राजेंद्र ने बताया कि उनके बेटे ने अंतिम बार फोन पर कहा, "करनाल, मुझे आपसे बहुत प्यार है, आपने मेरे लिए बहुत कुछ किया है, लेकिन अब मेरी तलाश मत करना।" इसके बाद उसने यह कठोर कदम उठाया। साहिल ने आठ महीने पहले संगोई गांव की एक लड़की से प्रेम विवाह किया था। शनिवार सुबह साहिल अपनी पत्नी के साथ ससुराल गया था, जहां ससुरालियों के साथ किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। ससुरालियों की शिकायत पर रंबा चौकी पुलिस ने साहिल को हवालात में बंद कर दिया। राजेंद्र और उनके भाई बलकार सिंह चौकी पहुंचे, जहां उन्होंने आरोप लगाया कि चौकी प्रभारी ने उनके सामने साहिल को तीन थप्पड़ मारे। बाद में लिखित राजीनामा करवाकर साहिल और उनकी पत्नी को छोड़ दिया गया। शनिवार शाम को साहिल अपनी पत्नी को घर छोड़कर मां से खाना बनाने को कहकर निकला और बताया कि वह एटीएम से पैसे निकालने जा रहा है। करीब आधे घंटे बाद उसने पिता को फोन कर बताया कि वह जाणी गांव में नहर की पटरी पर है। साहिल ने भावुक होकर कहा कि वह उनसे बहुत प्यार करता है, लेकिन अब और परेशान नहीं करना चाहता। परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई और वे तुरंत नहर की पटरी पर पहुंचे, जहां साहिल की मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन पटरी पर पड़ा मिला। परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, लेकिन गोताखोरों की अनुपस्थिति के कारण तलाश में देरी हुई। परिजन मूनक हेड पर इंतजार करते रहे, लेकिन साहिल का कोई पता नहीं चला। सोमवार को गोताखोरों ने बड़ौता गांव के पास नहर से साहिल का शव बरामद किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। राजेंद्र ने बताया कि साहिल ससुरालियों की शिकायत और पुलिस की कार्रवाई से बेहद आहत था। उन्होंने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाते हुए कहा कि इस घटना ने उनके बेटे को मानसिक रूप से तोड़ दिया। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में आत्महत्या का मामला प्रतीत होता है, लेकिन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।