उल्लास योजना के तहत रविवार सुबह 10 बजे से जिले में साक्षरता परीक्षा आयोजित की गई। जिले के 325 परीक्षा केंद्रों पर 15 से 80 वर्ष तक के करीब 11,800 परीक्षार्थी परीक्षा देने पहुंचे। परीक्षा के दौरान पढ़ने-लिखने और गणना से जुड़े सवाल पूछे गए, जिनमें वाक्य की पहचान करना, शब्दों का मिलान करना और भारत व देश जैसे शब्दों पर एक पंक्ति में वाक्य लिखने जैसे प्रश्न शामिल रहे। रेलवे रोड के नजदीक स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति गर्ल्स वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में भी बड़ी संख्या में परीक्षार्थी पहुंचे। यहां परीक्षा देकर बाहर निकले परीक्षार्थियों ने बताया कि सवाल सरल थे और उन्हें हल करने में ज्यादा कठिनाई नहीं हुई। शिव कॉलोनी की ज्योति और मीना ने बताया कि वे पढ़ना-लिखना सीखकर अपने बच्चों की पढ़ाई में मदद कर सकेंगी और उनका भविष्य बेहतर बना पाएंगी। उनका कहना था कि साक्षर बनने से रोजमर्रा के कामकाज भी आसान हो जाते हैं और आत्मविश्वास भी बढ़ता है।