भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) की हल्का स्तरीय बैठक किसान भवन, पुंडरी में जिला अध्यक्ष गुरनाम सिंह फरल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में युवा प्रदेश अध्यक्ष विक्रम कसाना एडवोकेट ने विशेष तौर पर भाग लिया बैठक का संचालन युवा जिला अध्यक्ष विक्रम दुसैण व हल्का अध्यक्ष रणधीर बरसाना ने किया। बैठक में संगठन के विस्तार, किसानों के मौजूदा मुद्दों तथा भारत-अमेरिका ट्रेड डील के संभावित प्रभावों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। युवा प्रदेश अध्यक्ष विक्रम कसाना एडवोकेट ने कहा कि संगठन को गांव स्तर तक मजबूत करने के लिए प्रत्येक गांव में नई कमेटियों का गठन किया जाएगा। इसके लिए पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारियां सौंपी गई है,ताकि अधिक से अधिक किसानों को संगठन से जोड़ा जा सके। बैठक में भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर भी गंभीरता से चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि इस ट्रेड डील से प्रभावित होने वाली फसलों के जैसे कपास, लाल ज्वार, सोयाबीन तेल और संतरे के रस सहित अन्य कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क (टैरिफ) हटाया जाता है तो भारतीय किसान भारी सरकारी सब्सिडी प्राप्त अमेरिकी उत्पादन के साथ प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएंगे। इससे देश की कृषि को भारी आर्थिक नुकसान होगा और किसानों की आय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा. इस समझौते में अलग-अलग वस्तुओं के साथ कृषि उत्पाद लिखा गया है। भाकियू (चढूनी) ने हरियाणा सरकार से मांग करती है कि धान की सरकारी खरीद 15 सितंबर से शुरू की जाये नहीं तो हर साल की तरह मजबूरी में हमें जीटी रोड जाम करना पड़ेगा। जिला अध्यक्ष गुरनाम फरल ने कहा कि यदि इस प्रकार के व्यापारिक समझौतों का कृषि क्षेत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है तो इसका सीधा असर देश के किसानों पर पड़ेगा। इसलिए भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) गांव-गांव जाकर किसानों को इस विषय में जागरूक करेगी तथा उन्हें इसके संभावित प्रभावों की जानकारी देगी। इस बैठक मे युवा प्रदेश उपाध्यक्ष नरेंद्र मागो, युवा जिला महासचिव बलिंदर हजवाना, बहादुर गोरसी,सुनील गोलन,कर्मवीर पुंडरी,मोनी सिकंदर खेड़ी मौजूद थे।