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VIDEO : कैथल में गुरु नानक देव जी प्रकाशोत्सव के उपलक्ष्य में निकाला नगर कीर्तन

भूपेंद्र सिंह Updated Thu, 14 Nov 2024 09:12 PM IST

कैथल में नानकनाम चढ़दी कला, तेरे भाणे सरबत दा भला...। गुरु नानक ने सभी मनुष्यों को एक ही ईश्वर की संतान बताया है। वह जात-पात एवं धर्म में विश्वास नहीं करते थे और यही कारण है कि हर धर्म के लोगों ने उनका अनुसरण किया। जिलेभर में गुरु नानक देव जी के प्रकाशोत्सव की पूर्व संध्या पर वीरवार को भव्य कार्यक्रम आयोजित कर यही संदेश दिया गया। इसी कड़ी में वीरवार को शहर में सिख समाज की तरफ से नगर कीर्तन निकाला गया। शहर के ऐतिहासिक गुरुद्वारा नीम साहिब व मंजी साहिब में भी भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। गुरुद्वारों में शबद-कीर्तन गूंजते रहे। वहीं, संगत ने अपना शीश नवाया। नगर कीर्तन की अगुवाई परंपरागत वेशभूषा में सजे पंज प्यारों ने की। मुख्य आयोजन गुरुद्वारा नीम साहब में हुआ। सुबह शबद-कीर्तन और अरदास हुई। इसके बाद संत महिंद्र सिंह ने नगर कीर्तन का शुभारंभ किया। नगर कीर्तन में श्री गुरु ग्रंथ साहिब को भव्य पालकी में सजाया गया था। नगर कीर्तन के आगे महिलाएं सफाई कर रही थी। बैंड बाजा पार्टी ने गुरु नानक जी की गुरुबाणी नानक नाम चढ़दी कला, चढ़े सो उतरे पार, तेरे भाणे सरबत दा भला की धुन से संगत का मन मोह लिया। सब सिखन को हुक्म है गुरु मान्यों ग्रंथ आदि शब्द कीर्तन कर गुरुबाणी का सिमरन किया। नगर कीर्तन डोगरा गेट, चंदाना गेट, छात्रावास रोड, पुराना बस अड्डा रोड, पिहोवा चौक से होते हुए श्री गुरु तेग बहादुर चौक पर संपन्न हुआ। संगत ने रास्ते में नगर कीर्तन का फूलों की बरखा कर स्वागत किया। शहर में जगह-जगह चाय व प्रसाद का लंगर लगाया गया। नगर कीर्तन में पालकी को भव्य ढंग से सजाया गया था और नगर कीर्तन की अगुवाई पंच प्यारे कर रहे थे। पुरुष और महिला श्रद्धालु रास्ते में बड़ी श्रद्धा और उत्साह से साथ कीर्तन कर रहे थे। जहां से नगर कीर्तन गुजर रहा था वहां लोगों ने नगर कीर्तन का भव्य स्वागत किया। गौरतलब है कि यह त्योहार कार्तिक पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। इस साल गुरु नानक देव की 555वीं जयंती मनाई जा रही है। श्रद्धालुओं ने कहा कि उन्होंने कहा कि गुरु पर्व के उपलक्ष्य में कैथल शहर में भव्य विशाल नगर कीर्तन निकाला गया। कहा कि आज हमें श्री गुरु नानक देव जी द्वारा मानवता की सेवा के लिए कार्य करने के रास्ते पर चलना चाहिए। उन्होंने यह शिक्षा दी थी सभी इंसान एक है और हम सब को आपस में मिलजुल कर रहना चाहिए और मानवता की सेवा करनी चाहिए। कोहिनूर अकादमी टटियाना में श्रद्धा पूर्वक मनाया गुरु पर्व गुहला-चीका। सिखों के प्रथम गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर टटियाना स्थित कोहिनूर अकादमी में प्रकाशोत्सव का आयोजन किया। कार्यक्रम में अभिभावकों के साथ साथ बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम के शुभारंभ भाषण द्वारा करते हुए संगत को गुरु जी के जन्म, शिक्षा दीक्षा, उदासियों व उनके द्वारा दिए गए उपदेशों से अवगत करवाते हुए उनके जीवन संदेश को अपनाने को प्रेरित किया गया। इस अवसर पर शब्द गायन, कविशरी, वार, कविता गायन, कविता पाठ, स्किट आदि प्रस्तुत किए गए। बच्चों ने कक्षा वर्ग के अनुसार अपनी प्रस्तुतियां दी। एकेडमी की प्रधानाचार्या कंवलजीत कौर बाजवा व चेयरपर्सन डॉ. सुखविंदर कौर ने अपने संदेश में बताया कि सिख धर्म मानवता का धर्म है। इसमें सर्वधर्म समभाव का संदेश है और गुरु ग्रंथ साहिब इसका जीवंत उदाहरण है। उन्होंने सभी को गुरु नानक प्रकटोत्सव की बधाई दी गुरु नानक देव जी द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।

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