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कैथल: गांव सजूमा बोरवेल का पानी पीने लायक नहीं, दूषित पानी से फैला पीलिया-डायरिया

संवाद न्यूज एजेंसी कलायत (कैथल)। सजूमा गांव में जनस्वास्थ्य विभाग की गंदे पानी की सप्लाई के कारण पीलिया और डायरिया जैसी बीमारियां फैल गई हैं। शनिवार को विभाग की टीम ने गांव का दौरा कर 13 नए सैंपल एकत्र किए हैं। राहत की बात यह है कि शनिवार को कोई भी नया मरीज अस्पताल में दाखिल नहीं हुआ है। ग्रामीण चमेला राम, विक्रम, शेखर, कृष्ण, तरसेम, रमेश कुमार आदि का कहना है कि विभाग द्वारा गांव में पीने के लिए पानी बोरवेल का दिया जा रहा है जो किसी भी सूरत में पीने के लायक नहीं है। इसके अलावा सप्लाई पाइप में अनेक स्थानों से टूटी हैं, जिनमें गंदा और सीवरेज का पानी मिल कर घरों के नलों में आ रहा है। इस समस्या को लेकर गांव के लोगों ने जन स्वास्थ्य विभाग के अनेक बार शिकायत की पर सुनवाई नहीं हुई। हैरानी की बात है कि विभाग गांव में पाइपों के लीकेज की बात को ही सिरे से नकार रहा है। ------------- अब तक कुल 39 सैंपल लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा सजूमा गांव से अब तक कुल 39 सैंपल लिए जा चुके हैं। अस्पताल में पहले से दाखिल 5 मरीजों में से दो की हालत में सुधार होने के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई है। फिलहाल 3 मरीजों का इलाज जारी है। जनस्वास्थ्य विभाग और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में पानी की पाइपलाइनों और लीकेज की जांच कर रही हैं। विभाग की तरफ से लोगों को क्लोरीन की गोलियां भी वितरित की गई हैं। ग्रामीणों के अनुसार, शायद ही कोई ऐसा घर होगा जिसमें बच्चे पीलिया रोग से ग्रस्त न हों। 6 से 15 साल तक के अधिकांश बच्चों को पीलिया रोग ने अपनी चपेट में ले लिया। इस रोग के चलते एक बच्ची की मौत भी हो गई है। लगभग 60 से अधिक बीमारी की चपेट में आ चुके हैं।

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