पश्चिम बंगाल में हिंदुओं के नरसंहार के विरोध में विश्व हिंदू परिषद के नेतृत्व में नेहरु पार्क से चलकर गोहाना रोड पर पुतला फूंक कर कर रोष प्रकट किया। जिलाध्यक्ष सुशील सिंगला, सरंक्षक महेश मंगला, प्रमोद गौतम ने कहा कि 80 प्रतिशत हिंदू होते हुए भी संगठित नहीं होने के कारण विस्थापित हुए। उनकी संपति लूटी गई और कई को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। 1991 में कश्मीर की स्थिति को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में दोहराया गया। उन्होंने कहा कि हिंदू यह नहीं समझे कि वह सुरक्षित है। आसुरी शक्तियां चारों तरफ संगठित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि ममता सरकार हिंदू अत्याचार की तरफ से आंख मिचकर विपक्षी दलों की मीटिंग बुला रही है। ममता और अन्य विपक्षी दल एक बार भी विस्थापित हिंदूओं से मिलने, उनका दुख दर्द बांटने नहीं गए। यह तुष्टीकरण की प्राकाष्ठा है। इस अवसर पर घनश्याम मित्तल, हरीश रामकली, रामफल ढाठरथ, राधेश्याम मित्तल, अतर, महावीर बिरौली, नवीन जैन, संजय सैनी, विशाल, अजय चिलाना, आचार्य सूर्यदेव, जितेंद्र वत्स, सागर मान भी मौजूद रहे।