अमर उजाला के मेरा गांव मेरी शान के चौपाल कार्यक्रम में बुधवार को गांव मालवी के ग्रामीणों ने खुलकर अपनी समस्याएं रखीं और प्रशासन से उनके समाधान की मांग की। ग्रामीणों ने जल निकासी, पेयजल संकट, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, खेतों के रास्तों की बदहाली और बिजली आपूर्ति जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। महिलाओं ने गांव में संचालित शराब के ठेके को बंद करने की मांग भी रखी। राजेंद्र, अशोक, धर्मेंद्र, युद्धबीर आदि ग्रामीणों ने बताया कि गांव में ड्रेनेज व्यवस्था नहीं होने के कारण बरसात के दिनों में हालात बेहद खराब हो जाते हैं। गांव की गलियां और सड़कें तालाब का रूप ले लेती हैं तथा कई दिनों तक घरों के आसपास पानी जमा रहता है। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी होती है और बीमारियां फैलने का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का कहना था कि गांव के आसपास कोई ड्रेन नहीं है, जिसके कारण बरसाती पानी गांव और खेतों में ही ठहर जाता है। जल निकासी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। इसके समाधान के लिए प्रशासन से कई बार मांग की गई, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और आयुर्वेदिक औषधालय तो हैं, लेकिन डॉक्टर केवल दिन के समय ही उपलब्ध रहते हैं। रात के समय किसी मरीज की तबीयत बिगड़ने पर उसे छह किलोमीटर दूर जुलाना ले जाना पड़ता है। स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ की कमी भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। किसानों ने खेतों के कच्चे रास्तों और सिंचाई नालों के निर्माण की मांग उठाई। उनका कहना था कि बारिश के दौरान खेतों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। निकासी व्यवस्था नहीं होने से हर वर्ष सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो जाती है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।पेयजल संकट पर ग्रामीणों ने कहा कि कई-कई दिनों तक पानी की सप्लाई नहीं आती। गर्मी के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है। हैंडपंपों का पानी खारा होने के कारण लोगों को पीने के लिए कैंपर मंगवाने पड़ते हैं।