जाट धर्मशाला में मंगलवार को भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की 124वीं जयंती मनाई गई। इसमें मुख्यातिथि सोनीपत लोकसभा से सांसद सतपाल ब्राह्मचारी उपस्थित हुए। विशिष्ट अतिथि के तौर पर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष ऋषिपाल सिहाग ने शिरकत की। कार्यक्रम सभा के कार्यकारिणी सदस्य व समाज के प्रबुद्ध लोगों ने हवन यज्ञ में आहूति दी और उनके चित्र पर पुष्प अर्पित करके श्रद्धांजलि दी। सांसद सतपाल ब्राह्मचारी ने जाट धर्मार्थ सभा की सीआरएसयू के पास प्लाट की चारदीवारी निकालने के लिए 11 लाख रुपये की घोषणा की और कहा कि चारदीवारी पर अगर ज्यादा राशि की जरूरत होगी तो वह अपने सांसद कोटे से देने का काम करेंगे। वहीं, कांग्रेस जिला अध्यक्ष ऋषिपाल सिहाग ने अपने पिता की याद में 51 हजार रुपये देने की घोषणा की। सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह अपने आप में एक संस्था थे। वह किसान गरीब, मजदूर सहित 36 बिरादरी व सभी धर्मों का पालन चौधरी चरण सिंह ने किया। युवा पीढ़ी को भी उनके संस्कार का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जाट समाज का उनके राजनीति जीवन पर बड़ा योगदान है। चौधरी बीरेंद्र सिंह ने उत्तराखंड के प्रभारी थे तो उन्होंने हरिद्वार से कांग्रेस की टिकट पर चयन किया। उन्होंने कहा कि हरिद्वार नगर पालिका का चेयरमैन रहते हुए उन्होंने हरिद्वार के वीआईपी घाट का नाम चौधरी चरण सिंह किसान घाट के नाम करवाने काम किया। इसी तरह चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत के नाम से भी कांग्रेस ने हरिद्वार में घाट बनाने का काम किया था। उन्होंने कहा कि मैं किसान परिवार में पैदा हुआ है और उनकी समस्याओं को जानता हूं। कांग्रेस के सभी सांसदों ने इस बार संसद में किसानों की आवाज उठाने का काम किया। प्रदेश में बयानों को लेकर चल रहे विवाद पर सतपाल ब्रह्मचारी ने किसी का नाम लिए बिना कहा कि इंसान की वाणी में संयम होना चाहिए और समाज को तोड़ने वाली बात नहीं करनी चाहिए। इस अवसर पर कोषाध्यक्ष यादवेंद्र खर्ब, शिशपाल लोहान, एडवोकेट वीरेंद्र लाठर, आजाद लाठर, ओम सिंह पिलानिया, अनिल मलिक, सुमनलता आर्य, रणधीर सिंह रेढू मौजूद रहे।