हरियाणा प्रदेश की नई राजधानी तथा अलग हाईकोर्ट हरियाणा के बीच मे, दिल्ली से अलग, हरियाणा के उत्तर तथा दक्षिण से समान दूरी पर इसी समय बनाई जाए, हिसार-महम, जींद-भिवानी के बीच सर्वे करवाकर उपयुक्त स्थान पर बनाया जाए। यह बात स्वाभिमान आंदोलन के निमंत्रण देने के दौरान न्यायपक्ष के संयोजक रणदीप लोहचब चौधरीवास ने जुलाना में पत्रकारों से बात करते हुए कही। उन्होंने कहा कि 58 वर्ष बाद भी हम अपनी नई राजधानी तथा अलग हाईकोर्ट से वंचित है। इस समय हरियाणा प्रदेश सरकार की योजना चंडीगढ़ में पंचकूला सीमा के पास नया हरियाणा विधानसभा भवन बनाने की है। आगामी 2029 की नई विधानसभा की बढ़ी हुई सीटों के लिए एक बड़ा नया हरियाणा विधानसभा का भवन चंडीगढ़ में बनाया जाना दर्शाता है कि वर्तमान हरियाणा सरकार तथा विपक्ष की प्रदेश के बीच में नई राजधानी तथा अलग हाई कोर्ट बनाने में कोई रुचि नहीं है। इनकी सोच है कि समय बीतने के बाद कभी नई राजधानी बने तो वह पंचकूला में ही बने, पंचकूला में कई विभागों के मुख्य कार्यालय पिछले दो दशकों से बन रहे हैं, संकेत स्पष्ट है यदि नया विधानसभा भवन चंडीगढ़ में बनेगा तो भविष्य में प्रदेश की राजधानी कभी भी हरियाणा के बीच नहीं बनेगी, यह प्रदेश की जनता तथा भावी पीढ़ियों के लिए कभी न भरने वाला घाव होगा। चंडीगढ़ हरियाणा से अलग दूरदराज कोने में स्थित है जहां दक्षिण पश्चिम हरियाणा से आने जाने में 800 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है, चंडीगढ़ में न हमारी बोली मिलती है, न कल्चर मिलता है। उनकी मांग है कि नया विधानसभा भवन चंडीगढ़ में न बनाकर हरियाणा के बीच बनाया जाए, दिल्ली से परे, उतर दक्षिण से समान दूरी पर हिसार महम, जींद भिवानी के बीच सर्वे करवाकर उपयुक्त स्थान पर बनाया जाए, यहीं पर हरियाणा प्रदेश की अलग हाई कोर्ट का निर्माण हो,इस स्थान पर एक आधुनिक सुविधा संपन्न वर्ल्ड क्लास का श्रेष्ठ सुंदर शहर बसाया जाए। इसी को लेकर 23 फरवरी को महम में एक रैली की जाएगी।