कमाच खेड़ा गांव के बीएसएफ में तैनाद शहीद हुए संदीप का अंतिम संस्कार गांव में राजकीय सम्मान के साथ किया गया। संदीप 4 अक्टूबर को छुट्टी लेकर घर आने वाला था। लेकिन तिरंगे में लिपटा उनका शव कमाच खेड़ा में पहुंचा ।संदीप अपने पीछे तीन लड़कियां, एक लड़का तथा विधवा पत्नी को छोड़ गया। संदीप के अंतिम संस्कार में जुलाना थाना प्रभारी रविंद्र कुमार व के अलावा अन्य गांव के लोग मौजूद रहे। शहीद संदीप के भाई मनदीप ने बताया कि वह भी भारतीय सेना में सेवाएं दे रहे हैं ।संदीप 39 वर्ष का था। वह पिछले 18 वर्षों से बीएसएफ में अपनी सेवाएं दे रहा था। संदीप जम्मू कश्मीर में अपनी ड्यूटी दे रहा था। ड्यूटी के दौरान ही संदीप की मौत हो गई। संदीप का शरीर तिरंगे में लिपटा हुआ उनके गांव में पुहचा ।