प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा आयोजित 'तीन दिवसीय गहन योग तपस्या भट्ठी' के दूसरे दिन साधकों को आत्मिक शक्ति और स्वराज्य अधिकारी बनने का गहन प्रशिक्षण दिया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय मुख्य संचालिका बीके अंजली दीदी की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने सभी प्रतिभागियों को अपनी शुभ प्रेरणाओं से लाभान्वित किया। मुख्य वक्ता बीके पूनम दीदी ने सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक मनुष्य अपनी देह का राजा है। उन्होंने एक सुंदर रूपक के माध्यम से समझाया कि "मैं आत्मा एक राजा हूँ और यह शरीर मेरा राज्य है। हमारी आँखें, कान, मुख और अन्य कर्मेंद्रियाँ इस दरबार के मंत्री हैं। जब आत्मा रूपी राजा अपने असली स्वरूप (स्वमान) में स्थित होता है, तभी वह अपने कर्मेंद्रिय रूपी दरबार को सही दिशा दे सकता है। यदि राजा (आत्मा) कमजोर है, तो मंत्री (इंद्रियाँ) मनमानी करने लगते हैं। लेकिन जब इंद्रियाँ आत्मा के पूर्ण नियंत्रण में होती हैं, तभी जीवन में सच्ची सुख-शांति और खुशहाली आती है।