बहादुरगढ़। बहादुरगढ़ खंड की पंचायत समिति की सामान्य बैठक बुधवार को विकास कार्यों और करीब नौ करोड़ रुपये के बजट के हिसाब को लेकर सदस्यों के बीच जोरदार हंगामा हुआ। चेयरपर्सन रचिता जून की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पूर्व चेयरपर्सन वर्षा गौतम के नेतृत्व में विपक्षी सदस्यों ने विकास कार्यों में भेदभाव और पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए जोरदार हंगामा किया। हंगामे के कारण करीब 30 मिनट तक पिछली बैठक की कार्यवाही की पुष्टि भी नहीं हो सकी। हालांकि बाद में विपक्षी सदस्य बैठक से वॉकआउट कर गए। फिर 16 सदस्यों ने सर्वसम्मति से तीनों एजेंडे पास कर दिए। बीडीपीओ कार्यालय के सभागार में हुई बैठक के दौरान विपक्षी सदस्यों योगेश बामड़ोली और वर्षा गौतम ने कहा कि पहले करीब 9 करोड़ रुपये के विकास कार्यों और भुगतान का पूरा हिसाब दिया जाए। उनका कहना था कि जब तक खर्च का ब्योरा और जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जाती, तब तक पिछली बैठक की कार्यवाही की पुष्टि नहीं की जाएगी। सदस्यों ने आरोप लगाया कि विकास कार्यों से जुड़ी जानकारी उन्हें समय पर नहीं दी जा रही और कई फैसले बिना सदस्यों को विश्वास में लिए किए जा रहे हैं। विपक्षी सदस्यों का आरोप था कि जब उन्होंने करीब 9 करोड़ रुपये के भुगतान का विवरण मांगा तो बैठक की कार्यवाही का संचालन कर रहे बीडीपीओ परमजीत ने कहा कि इस संबंध में जानकारी प्राप्त करने के लिए सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत आवेदन करना होगा। इस जवाब पर विपक्षी सदस्य और अधिक नाराज हो गए तथा बैठक में हंगामा खड़ा कर दिया। एक बार तो पुलिस बुलानी पड़ी और सदस्यों के अलावा बैठक में मौजूद अन्य लोगों को बाहर करके सभागार के दरवाते बंद कर दिए गए। विवाद बढ़ता देख चेयरपर्सन रचिता जून ने सख्त रुख अपनाया और बीडीपीओ परमजीत को बैठक के तीनों एजेंडों पर मतदान कराने के निर्देश दिए। मतदान की प्रक्रिया शुरू होते ही विपक्ष के 11 सदस्यों ने विरोध स्वरूप बैठक का बहिष्कार करते हुए वॉकआउट कर दिया। एक सदस्य बैठक में अनुपस्थित रहे, जबकि दो सदस्यों ने मतदान में हिस्सा लेने से ही इंकार कर दिया। इसके बाद उपस्थित 16 सदस्यों की सहमति से बैठक के तीनों एजेंडे पारित कर दिए गए। बैठक समाप्त होने के बाद भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहा। विपक्षी सदस्यों ने चेतावनी दी कि यदि विकास कार्यों और बजट खर्च का पूरा हिसाब सार्वजनिक नहीं किया गया तो वे इस मुद्दे को उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाएंगे। वहीं चेयरपर्सन रचिता जून का कहना है कि सभी कार्य नियमानुसार किए जा रहे हैं और बैठक की कार्यवाही लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत पूरी की गई।