निर्माणाधीन राजकीय वेस्ट माध्यमिक विद्यालय की नई इमारत हैंडओवर से पहले ही विवादों में घिर गई है। पिछले कई दिनों से इस भवन की निर्माण गुणवत्ता को लेकर शिकायतें मिल रही थीं, जिसके चलते गुरुवार को सीएम फ्लाइंग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। निरीक्षण के दौरान एसएसए, बी एंड आर और पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। टीम ने निर्माण सामग्री के सैंपल इकट्ठा किए और भवन में पाई गई कई खामियों की जांच की। रिपोर्ट के मुताबिक, भवन की कई दीवारों पर दरारें देखी गईं, जिससे टीम के अधिकारी भी हैरान रह गए। इससे संबंधित अधिकारियों की लापरवाही की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, भवन निर्माण कार्य एक साल की देरी से चल रहा है। टेंडर शर्तों के अनुसार, मार्च 2023 तक कार्य पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन निर्माण एजेंसी की ओर से लगातार देरी की जा रही है। हालांकि, भवन का फिनिशिंग कार्य अंतिम चरण में है, लेकिन खामियों के चलते छात्रों को इसका लाभ मिलने में अभी और समय लग सकता है। एसएसए के एसडीओ विकास कुमार ने बताया कि निर्माण में इस्तेमाल किए गए ईंट, सीमेंट और अन्य सामग्रियों के सैंपल लिए गए हैं, जिनकी जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान इंस्पेक्टर श्रवण कुमार, एसडीओ विकास कुमार और अजय कुमार भी मौजूद रहे।