शहर के नागरिक अस्पताल में मंगलवार की सुबह पौने 11 बजे इलाज के लिए पहुंचे एक मरीज और तीमारदार को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। दरअसल, बाइक से गिरकर घायल कृष नंदन को उनके भाई इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे थे, लेकिन उनकी परेशानी उस समय और बढ़ गई, जब ओपीडी कार्ड बनवाने के बाद भी उन्हें सवा घंटे तक अस्पताल के स्टाफ ने इधर-उधर घुमाया। आखिरकार सवा घंटे के बाद उन्हें अस्पताल में इलाज मिला। घायल के भाई मनोहर कुमार ने अस्पताल स्टाफ पर इलाज के लिए अनदेखी का आरोप लगाया। भाई का इलाज के लिए पहुंचे मनोहर कुमार ने बताया कि सोमवार की शाम उनके भाई कृष नंदन बाजार में सब्जी लेने के लिए जा रहे थे उस समय उनकी बाइक कसार गांव के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी और उन्हें मुंह समेत हाथ-पैर पर भी गंभीर चोटें आई थी। उस दौरान तो उन्होंने प्राइवेट डॉक्टर से इलाज कराया था, लेकिन शरीर में तकलीफ बढ़ने के कारण वे मंगलवार को सुबह के समय भाई को अस्पताल लेकर पहुंचे। पौने 11 बजे ओपीडी कार्ड बनवाया, इसके बाद डॉक्टरों के पास इलाज कराने आए तो उन्होंने यह कहा कि कुछ देर रुको, लेकिन सवा घंटा बीतने के बाद भी डॉक्टरों ने कोई इलाज नहीं किया। जबकि घायल कृष नंदन की पीड़ा बढ़ती गई। आपातकालीन विभाग में बैठे स्टाफ से इलाज की गुजारिश की तो उन्होंने भी इलाज नहीं किया। इसके कुछ देर बाद जब वे फिर से अस्पताल में एक कमरे में बैठे स्टाफ के पास पहुंचे तो वहां पर उन्होंने घायल का इलाज किया। इस संबंध में अस्पताल के एसएमओ डॉ. विनय देशवाल से संपर्क किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। इसके बाद जब प्रशासनिक अधिकारी डॉ. देवेंद्र मेघा से संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि वे इसके लिए अधिकृत नहीं हैं।