झज्जर शहर में आए भूकम्प ने सभी को दहला दिया। जमीन के नीचे की गड़गड़ाहट हुई तक सभी को तत्काल समझ आ गया कि भूकम्प का झटका है। इसे महसूस करते ही कक्षाओं के शिक्षकों ने तुरंत कक्षा से बाहर खुले में निकाला। कुछ समय के लिये विद्यार्थियों में भय का माहौल रहा। जब विद्यार्थी दोबारा कक्षा में बैठे तो उन्हें शिक्षकों ने समझाया कि ऐसी स्थिति में स्वयं को कैसे बचाया जा सकता है। यदि बाहर भागने की स्थिति न हो तो कक्षा में बैंच के नीचे छिपकर अपने बैग से सिर ढककर बचाव की कोशिश करनी चाहिये। इसी दौरान जब भूकम्प दोबारा आया तो विद्यार्थी तुरंत बैंच के नीचे छिप गए। कुछ विद्यार्थी पुनः बाहर आ गए। राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल झज्जर आज के भूकम्प के चलते ऐसी स्तिथि बनी। जब भूकम्प आया तब पहला पीरियड चल रहा था। करीब सवा 9 बजे एकाएक भूकम्प के झटके ने सभी को हिला दिया। चूंकि बारिश के कारण विद्यालय के आंगन में पानी था। इस कारण कई विद्यार्थी कमरों से तो निकल गए, मगर बरामदों में खड़े हो गए। ऐसे विद्यार्थियों को भी समझाया गया कि भूकम्प के समय खुले में आने में ही भलाई होती है। उल्लेखनीय है कुछ समय पर मॉक ड्रिल के माध्यम से प्रशासन ने भूकम्प के बचाव की जो पहल की थी उसकी जागरूकता का असर आज देखने को मिला।