झज्जर पुलिस आयुक्त डॉ. राजश्री सिंह ने कहा कि बच्चों ने जो ड्राइंग बनाई है, हम उससे बच्चों के विजन को देख सकते हैं। हर ड्राइंग कोई न कोई कहानी कहती है। हमें सोचना होगा कि बच्चे का अनुभव इस उम्र में क्या होगा, जो इस पेंटिंग को उसने अपने सपनों या सोच की उड़ान को कागज पर उकेर दिया है। पुलिस आयुक्त डॉ. सिंह शनिवार को संवाद भवन में अमर उजाला, एमआर सीनियर सेकेंडरी स्कूल द्वारा द हाइट्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल के सहयोग से इंटर स्कूल ड्रॉइंग प्रतियोगिता के तहत विजेताओं को पुरस्कृत करने के बाद कार्यक्रम को संबोधित कर रही थी। उन्होंने स्कूल स्तर और जिला स्तर पर प्रथम, द्वितीय, तृतीय व सांत्वना पुरस्कार पाने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र, मैडल देकर सम्मानित किया। इसके अलावा स्कूल के निदेशक व प्रिंसिपल को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मंच का संचालन प्राध्यापक संजय शर्मा ने किया। पुलिस आयुक्त ने ने कहा कि हमें बच्चे को सही दिशा और दशा देनी है। उसी प्रकार का माहौल घर पर भी रखे। आप उनकी पेंटिंग से समझ जाए कि आपके बच्चे के किस प्रकार के विचार हैं, वह क्या सोचते हैं। साथ ही नैतिक मूल्यों पर भी फोकस रखना होगा। उन्होंने कहा कि बच्चों को चाहिए कि वह अपने माता-पिता के साथ समय बिताए और उनके अनुभव से सीखे। माता-पिता भी अपने बच्चों पर दबाव की बजाय वह जो बनना चाहते हैं, उस पर फोकस करें। जितना बच्चा अपनी लगन से सीखेगा, उतना ही वह उसमें आगे बढे़गा। दबाव से वह कुछ नहीं कर सकता। उन्होंने बच्चों से पढ़ाई के साथ-साथ खेलों व सांस्कृतिक गतिविधियों में भी भाग लेने का आह्वान किया।