झज्जर में वीरवार सुबह दो मिनट में भूकंप के दो झटके महसूस किए गए। झज्जर में सुबह 9 बजकर 4 मिनट पर भूकंप का पहला झटका महसूस किया गया। उसके बाद 9 बजकर 6 मिनट पर हल्का झटका महसूस किया गया। अचानक भूकंप का झटका लगने से लोग भयभीत हो गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के अनुसार, भूकंप का केंद्र झज्जर से 10 किलोमीटर उत्तर में था और इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.4 मापी गई। दिल्ली-एनसीआर में आए भूकंप का मुख्य कारण प्लेट टेक्टोनिक्स प्रकिया ही है। महेंद्रगढ़-देहरादून फाल्ट लाइन पर महेंद्रगढ़ जिले से कुछ हिस्सा रेवाड़ी, झज्झर व रोहतक होते हुए पानीपत और इसके बाद उत्तराखंड में देहरादून तक के शहर आते हैं। हरियाणा के झज्जर जिले में झज्जर के मात्र 3 किलोमीटर पूर्व में केंद्र रामपूरा गांव रहा। यहां आज़ सुबह 9.04 मिनट पर भूकंप आया है। इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.4 रही है… इसकी धरती में गहराई 10.0 किलोमीटर रही। केंद्र से 100 किलोमीटर तक इस भूकंप के झटके महसूस किए गए। प्रोफेसर डॉ चन्द्र मोहन, मौसम विशेषज्ञ, भूगोल विद् राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नारनौल ने बताया कि इस भूकंप की तीव्रता 4.2 मैग्नीट्यूड रही। जब भूकंप आया तो आमजन में डर का माहौल बन गया, जिसकी वजह से लोग अपने मकान और दुकानों से बाहर आ गए। हालांकि अभी तक किसी जान माल की हानि का कोई समाचार नहीं मिला है। राजकीय महाविद्यालय नारनौल के मौसम विशेषज्ञ और भूगोल विद डॉ. चंद्र मोहन ने बताया कि केंद्र जिला झज्जर के गांव रामपूरा में अक्षांश 28.63 और देशांतर 76.68 में रहा है। इस भूकंप की तीव्रता 4.2 मैग्नीट्यूड रही और धरती के अंदर 10 किलोमीटर गहराई रही है। भूकंप से किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं है। दिल्ली एनसीआर में पांच फाल्ट लाइन हैं। इनमें महेंद्रगढ़-देहरादून, दिल्ली-मुरादाबाद, दिल्ली-सरगौधा रिज और दिल्ली-हरिद्वार रिज शामिल है। इन फाल्ट लाइन में ही जमीन की अंदरूनी प्लेट आपस में टकराती है । इस प्रकार के छोटे छोटे भूकंप से बड़े पैमाने के भूकंप का अंदेशा नहीं रहता क्योंकि इस तरह से छोटे भूकंप द्वार पृथ्वी की उर्जा रिलीज होती रहती है बड़े भूकंप के खतरें टल जातें हैं।