हिट एंड रन कानून के विरोध में सोमवार को झज्जर में कई प्राइवेट बसों के पहिए थम गए। जिले में 50 से ज्यादा प्राइवेट बसों का चक्का जाम हुआ। बस संचालकों का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा 26 दिसंबर को लोकसभा में न्याय संहिता बिल पारित किया गया है। यूनियन इसका विरोध करती है, क्योंकि इस बिल के लागू होने से देशभर के चालक बर्बाद हो जाऐंगे। वहीं ट्रक यूनियन ने भी इस बिल का विरोध करते हुए नारेबाजी की। साथ ही बिल को वापस लेने की मांग की। वहीं कैथल में भी केंद्र सरकार के हिट एंड रन के कानून के विरोध में सोमवार को नए साल पहले दिन निजी बस संचालकों ने तीन दिवसीय हड़ताल शुरू की। इस दौरान निजी बस संचालकों ने नए बस स्टैंड पर पहुंच नारेबाजी कर सरकार के खिलाफ रोष जताया।