रोहतक के रिटोली में हुई गैंगवार में मारे गए महराणा निवासी दीपांशु के पिता सोमबीर भावुक हो गए। उन्होंने डीसीपी क्राइम अमित दहिया के सामने हाथ जोड़कर कहा कि सर मेरा बेटा तो चला गया, लेकिन गांव के दूसरे बेटों को बचा लीजिये। गांव में माहौल ठीक नहीं हैं और गांव में कई बैठके होती हैं, जहां पर गांव के बच्चों को बरगलाने का काम किया जाता है। 20 साल से कम उम्र के बच्चों को बहकाया जा रहा हैं। यदि प्रशासन गंभीर हो जाए तो गांव का उद्धार हो जाएगा। कुछ क्रिमिनल तरह के लोग बच्चों को प्यार से बोलकर घर से लें जाते हैं। पता नहीं क्या लोभ लालच दिया जाता हैं कि बच्चों से काम निकलवा देते हैं। प्रशासन कम से कम मेरे गांव को बचाये। मेरा लड़का गया, लेकिन किसी और का ना जाए।