शहर थाना प्रभारी बलदेव सिंह ने कहा कि आज के समय में गलतीवश कुछ नाबालिग बच्चे भी भटक जाते हैं और अपराध कर डालते हैं। ऐसे बच्चों की काउंसिलिंग की जाती है और उसे बाल सुधार गृह भेजा जाता है। वहां उसे शिक्षा के साथ-साथ सुधार लाने का प्रयास किया जाता है। वह शनिवार को अमर उजाला की तरफ से आयोजित दोस्त पुलिस कार्यक्रम के तहत पीएम कन्या राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं की तरफ से पूछे गए सवालों का जवाब दे रहे थे। छात्राओं ने पूछा कि क्या कोई नाबालिग अपराध कर देता है तो उसे भी आम अपराधियों की तरह सजा मिलती है। इस पर शहर थाना प्रभारी बलदेव सिंह ने बताया कि नाबालिग बच्चों के लिए जुनाइल जस्टिस बोर्ड बनाया गया है। यदि कोई नाबालिग अपराध करता है तो उसे बोर्ड के समक्ष पेश किया जाता है। वहां से उसकी काउंसिलिंग करवाई जाती है और उसके बाद उनको बाल सुधार गृह भेज दिया जाता है। छात्राओं ने पूछा कि पुलिस अधिकारी बनने के लिए क्या करना होगा। इस पर थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस की भर्ती के लिए सरकार ने अलग-अलग नियम बनाए हुए हैं। कांस्टेबल के बारहवीं, सब इंस्पेक्टर के लिए ग्रेजुएशन होना जरूरी है। इसके अलावा सीईटी टेस्ट पास करना भी अनिवार्य किया गया है। बलदेव सिंह ने कहा कि बारहवीं के बाद आप अगले पड़ाव पर जाएंगी, इसलिए अभी से अपना लक्ष्य तय करें। लक्ष्य तय होगा तो उसे पाने में दिक्कत नहीं होगी। आपमें से कोई डॉक्टर, इंजीनियर, पुलिस अधिकारी या अन्य फील्ड में जाएंगे, इसके लिए अभी से तैयारी करें। मोबाइल से दूर रहे। पढ़ाई में अपना मन लगाएं। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध बढ़ रहा है, इसलिए मोबाइल पर आने वाले लिंक न खोले। अपने परिवार के सदस्यों को भी यह जानकारी दें। यदि ऐसा कुछ होता है तो 1930 पर जानकारी दें। यदि अपने आसपास नशा करता किसी को देखे तो उसकी जानकारी पुलिस को दें। उस व्यक्ति को नशे छुड़वाने का काम पुलिस करेगी।