लाला लाजपत राय पशुचिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास) प्रशासन के वीएलडीडी प्रथम वर्ष (2024–25) के सभी पेपर दोबारा लेने की शर्त वापस लेने और केवल रद्द किए गए फॉर्मेसी पेपर की परीक्षा कराने और उसकी तिथि घोषित करने का निर्णय लेने के बाद विद्यार्थियों ने दूसरे दिन बुधवार को धरना समाप्त किया। विद्यार्थी परीक्षा लीक प्रकरण मामले को लेकर आंदोलन कर रहे थे। अब केवल फॉर्मेसी विषय की परीक्षा ही दोबारा ली जाएगी, जिसकी तिथि 10 फरवरी निर्धारित की गई है। प्रशासन के इस निर्णय के बाद विद्यार्थियों ने बुधवार को करीब 4:30 बजे अपना धरना समाप्त कर दिया। परीक्षा लीक के बाद लुवास प्रशासन की ओर से सभी पेपर दोबारा लेने के फैसले से छात्रों में भारी रोष था। छात्रों का कहना था कि एक ही पेपर के लीक होने पर पूरे सत्र की परीक्षाएं रद्द करना सीधे तौर पर छात्र विरोधी कदम है। इसी के विरोध में छात्र नेता हरिकेश ढांडा के नेतृत्व में वीएलडीडी छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन शुरू किया। मंगलवार रात धरने पर बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे। विद्यार्थियों ने बताया कि रात के समय कड़ाके की ठंड के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से उन्हें टेंट लगाने की अनुमति तक नहीं दी गई। ठंड और अंधेरे के बीच छात्रों को खुले आसमान के नीचे पूरी रात धरने पर बैठना पड़ा। इसके बावजूद छात्र शांतिपूर्वक अपने अधिकारों के लिए डटे रहे। छात्र नेता हरिकेश ढांडा ने बताया कि वीएलडीडी प्रथम वर्ष का परिणाम लंबे समय से रोका गया था, जिससे छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया। बिना परिणाम जारी किए ही छात्रों से द्वितीय वर्ष की फीस वसूल ली गई और उनका प्रवेश भी कर दिया गया। द्वितीय वर्ष की परीक्षाएं और उनका परिणाम जारी हो चुके हैं, लेकिन प्रथम वर्ष के छात्रों का परिणाम अब तक जारी नहीं किया गया था। छात्रों का आरोप है कि यह सीधे तौर पर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है।