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हांसी में सफाई कर्मचारियों का हल्ला बोल; नगर परिषद पर जडा ताला, मंत्री विपुल गोयल का पुतला फूंका

हांसी जिले में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे सफाई कर्मचारियों ने नगर परिषद कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला जड़कर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। प्रदर्शनकारियों ने नगर परिषद के कर्मचारियों को कार्यालय से बाहर निकाल दिया। सफाई कर्मचारियों ने नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी राजेंद्र सोनी को कार्यालय से बाहर निकालने की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया और उनके खिलाफ नारेबाजी की। हंगामे के बीच कार्यकारी अधिकारी अपनी कुर्सी छोड़कर दूसरे कमरे में चले गए। वहीं नगर परिषद चेयरमैन प्रवीण ऐलावादी को भी प्रदर्शनकारियों ने उनके कार्यालय से बाहर निकाल दिया। इसके बाद परिषद का कामकाज पूरी तरह ठप हो गया और प्रशासनिक कार्य प्रभावित रहे। आपको बता दे कि सफाई कर्मचारियों, सर्व कर्मचारी संघ और अग्निशमन कर्मचारियों ने शहरभर में प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी हांसी-बड़सी गेट पहुंचे, जहां उन्होंने हरियाणा सरकार में स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल का पुतला फूंका। इससे पहले कर्मचारियों ने मंत्री की प्रतीकात्मक अर्थी सजाकर शव यात्रा भी निकाली। सफाई कर्मचारी 6 अगस्त से अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। कर्मचारियों की प्रमुख मांग 13 मई को सरकार के साथ हुए समझौते को लागू करने की है। जिला प्रधान बलजीत सिंह का आरोप है कि सरकार की ओर से बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। कर्मचारियों ने कच्चे सफाई कर्मचारियों को पक्का करने, सीवरमैन और सफाई कर्मचारियों को जोखिम भत्ता देने सहित अन्य मांगें पूरी करने की मांग उठाई। उनका कहना है कि सफाई कर्मचारी शहर की सफाई व्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन इसके बावजूद सरकार उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रही है। सफाई कर्मचारी उपप्रधान रेखा ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वहीं सफाई कर्मचारी नीलम ने कहा कि सरकार उनके साथ अन्याय कर रही है और मांगें नहीं मानी जा रही हैं, इसलिए नगर परिषद के मुख्य गेट पर ताला लगाया गया और मंत्री का पुतला फूंका गया। प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया कि जब तक 13 मई के समझौते को लागू नहीं किया जाता और उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी है।

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