करोड़ों रुपये खर्च कर रेलवे स्टेशन की तस्वीर बदल दी गई। प्लेटफार्म नंबर-1 पर कोटा स्टोन लगाया गया तो स्टेशन का मुख्य गेट दूर से ही लोगों को आकर्षित कर रहा है। मुख्य गेट पर पेंटिंग के माध्यम से यात्रियों को हरियाणवी संस्कृति से रूबरू कराया गया है। मगर हैरानी की बात है कि रेलवे स्टेशन पर लगे 8 वाटर कूलरों में से 4 वाटर कूलर खराब पड़े हैं। रोजाना हजारों यात्री सफर करने के बाद भी रेलवे ने इन्हें ठीक तक नहीं कराया। मजबूरन यात्री कैंटीन से पानी की बोतल खरीदकर प्यास बुझा रहे हैं। प्लेटफार्म नंबर-1 पर दो वाटर कूलर खराब हैं। इसी प्रकार प्लेटफार्म नंबर-6 पर लगे दो वाटर कूलर में से एक खराब पड़ा है। प्लेटफार्म 4 और 5 पर लगे एक वाटर कूलर में दो टोंटियों की जगह एक टोंटी लगी हुई हैं। वहीं, प्लेटफार्म नंबर 2 और 3 पर एक वाटर कूलर बंद है। बता दें, कि रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत पहले फेज में काम पूरा हो चुका है। अभी दूसरे फेज में काम चल रहा है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 27.54 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। गर्मियों में बढ़ जाती है पानी की डिमांड गर्मियों के दिनों में पानी की डिमांड और भी ज्यादा बढ़ जाती है। मगर यहां लगे वाटर कूलर खराब हैं। हर बार स्टेशन पर यात्रियों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ता है। वहीं, रोजाना 10 हजार से ज्यादा यात्री ट्रेनों में सफर करते हैं। मगर उन्हें यहां पानी की सुविधा तक नहीं मिल रही है। कई बार यात्री यहां और भी वाटर कूलर रखवाने के लिए रेलवे अधिकारियों के पास गुहार लगा चुके हैं। वाटर वेंडिंग मशीनों पर लटका ताला रेलवे की ओर से यात्रियों को सस्ते रुपये में आरओ का पानी मुहैया करवाने के लिए हर प्लेटफार्म पर वाटर वेंडिंग मशीनें लगाई गई थी। इस मशीन से पांच रुपये में स्वच्छ और ठंडा पानी दिया जा रहा था। मगर पिछले कई सालों से इन मशीनों पर ताला लटका हुआ है। हालात यह है कि बंद रहने के कारण अब मशीनें जर्जर होना शुरू हो गई है। अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत ये हो चुका काम - प्लेटफार्म नंबर-1 पर कोटा स्टोन लगाया गया - रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए दोनों गेट की तरफ पार्किंग तैयार की गई - स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-1 पर फूड प्लाजा बनकर तैयार - रेलवे स्टेशन के मुख्य गेट पर बनाई गई हरियाणवी पेंटिंग - मुख्य गेट पर ट्रेनों की समय सारिणी लगाई - एंट्री गेट के पास फव्वारा लगाया गया - एंट्री गेट पर लगाई लाइटें - नया टिकटघर बनकर तैयार - प्लेटफार्म नंबर-1 पर आम और दिव्यांग यात्रियों के लिए अलग-अलग शौचालय बनाए गए - प्लेटफार्म नंबर-1 पर दो एसी वेटिंग हाल बनकर तैयार हो चुके है - प्लेटफार्म नंबर-6 की तरफ बने गेट का एरिया बढ़ाया गया है रेलवे स्टेशन पर रोजाना हजारों यात्री सफर करने आते हैं। मगर यहां लगे वाटर कूलर खराब हैं। रेलवे स्टेशन पर सुविधाएं देने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन यहां ताे यात्रियों को पीने का पानी तक नसीब नहीं हो रहा है। - डॉ. सुनीता रानी रेलवे स्टेशन पर वाटर कूलरों की संख्या बढ़ाना तो दूर बल्कि इन्हें ठीक करवाने के लिए अधिकारियों ने जहमत तक नहीं उठाई। आज हालात यह है कि स्टेशन पर कैंटीन से पानी की बोतल खरीदकर प्यास बुझाने को मजबूर है। - जीया सैनी कई बार रेलवे स्टेशन पर आना-जाना रहता है। मगर पीने के पानी की व्यवस्था तक नहीं है। इस पर रेलवे अधिकारियों को ध्यान देने की जरूरत है। बाहर से तो रेलवे स्टेशन की तस्वीर बदल गई है, मगर अंदर पीने का पानी तक नहीं है। - सूरज रेलवे स्टेशन पर खराब पड़े वाटर कूलर मेरे संज्ञान में है। इन्हें ठीक करवाने का प्रोसेस चल रहा है। जल्द ही सभी वाटर कूलर चालू हालत में होंगे। - भूपेश यादव, सीनियर डीसीएम, रेलवे।