अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि विधानसभा चुनाव में मेरी चुपी पार्टी के फायदे के लिए ही थी। मेरे साथ उस समय जो हुआ उसमें मैं नहीं चाहती थी कि कुछ बोलूं। अगर मैं इलेक्शन के बीच कुछ बोलती तो पार्टी को ही नुकसान होता। सभी को पता है मेरे साथ क्या हुआ? किस तरह से चुनाव लड़ा गया। पार्टी ऐसे मामलों को देख रही है। हिसार में अपने पैतृक आवास पर मीडिया से बातचीत करते हुए कुमारी सैलजा ने कहा कि संगठन से कार्यकर्ताओं को पहचान मिलती है पर पिछले एक दशक से अधिक समय से हरियाणा में संगठन नहीं बन सका। फिर भी कार्यकर्ता बिना संगठन के लिए दिन रात पार्टी के लिए काम कर रहा है। विधानसभा चुनाव में पार्टी सत्ता में आते आते रहे गई अगर संगठन होता तो पार्टी और अधिक मजबूती से चुनाव लड़ती। जब किसी पार्टी का संगठन होता है तो जमीन पर मजबूती से खड़ी हो सकती है, पर बिना संगठन के सब अपना अपना काम कर रहे थे, अपने ही लोग अपने उम्मीदवार को हराने में लगे हुए थे।