बेटी का अब तक सुराग नहीं है...। मेरी नौकरी छूट चुकी है, स्कूटी भी बिक गई और दोनों बेटों की पढ़ाई बंद है। बावजूद इसके पुलिस प्रशासन में कोई हरकत नहीं है। पिछले आठ दिन से रात में दो डिग्री से कम तापमान में खुले आसमां के नीचे धरना दे रहे हैं। इंसाफ पाने के लिए आखिर किस चीज का इम्तिहान लिया जा रहा है। यह कहते हुए सुनील सोनी के चेहरे पर दर्द के जो भाव थे, वो किसी को भी भावुक कर सकते थे।