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हिसार: हाईटेंशन लाइनों के विरोध में किसानों का एचवीपीएनएल-डीएचबीवीएन मुख्यालय घेराव

हिसार। भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर के बैनर तले किसानों ने मंगलवार को विद्युत नगर में हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम तथा दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम का घेराव किया। किसान डीएचबीवीएन के गेट नंबर चार पर चार घंटे तक डटे रहे। किसानों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश जताते हुए नारेबाजी की। किसानों ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और मुख्यमंत्री नायब सैनी के नाम ज्ञापन दोनों निगमों के निदेशकों को सौंपे। निगम अधिकारियों ने एक सप्ताह के भीतर किसानों के प्रतिनिधिमंडल की उच्च अधिकारियों के साथ बैठक कराने का आश्वासन दिया। यूनियन के प्रदेश संयोजक होशियार गिल, प्रदेश महासचिव हर्षदीप सिंह, हिसार जोन प्रधान दशरथ मलिक, किसान नेता अभिमन्यु ने कहा कि जब तक बिजली की हाईटेंशन लाइनों का उचित मुआवजा किसानों के खातों में नहीं आएगा, तब तक इन लाइनों का काम नहीं होने दिया जाएगा। किसानों ने कहा कि उनकी मुख्य मांग बिजली की हाईटेंशन लाइनों के उचित मुआवजे से संबंधित है। 30 जनवरी 2026 को हरियाणा सरकार ने मुआवजे के लिए पारदर्शी नियम बनाया था। इसके तहत खंभों के नीचे के क्षेत्र के बाजार मूल्य का 200 फीसदी और तारों के नीचे व साइड वाले क्षेत्र के बाजार मूल्य का 30, 45 या 60 फीसदी मुआवजा देने की बात कही गई थी। इसके बाद 29 अप्रैल 2026 को सरकार ने एक नया राजपत्र अधिसूचना जारी कर लॉटरी प्रणाली लागू कर दी। किसानों का कहना है कि यह लॉटरी प्रणाली पारदर्शी नहीं है। इससे उनके मूल्यांकनकर्ता द्वारा लगाई गई कीमत का महत्व खत्म हो जाएगा। धरने की अध्यक्षता बुजुर्ग किसान नेता सूरजभान ढाया ने की। संचालन प्रदेश सचिव राजू सहरावत ने किया। --------------------- किसानों प्रमुख मांगें 29 अप्रैल की अधिसूचना वापस लिया जाए किसानों की जमीन का बाजार मूल्य निकालते समय उनके मूल्यांकनकर्ता की कीमत को भी प्रक्रिया में शामिल किया जाए शहर की सीमा से 15 किलोमीटर तक के गांवों को शहरी क्षेत्र मानकर हाईटेंशन तारों का मुआवजा दिया जाए नीचे और साइड में आने वाले क्षेत्र के बाजार मूल्य का 60 फीसदी मुआवजा देने की मांग की है। लंबित ट्यूबवेल कनेक्शन तुरंत जारी किया जाए बोर खराब होने पर ट्यूबवेल शिफ्टिंग पर अवैध वसूली बंद की जाए खरीफ फसलों के मौसम में खेतों के लिए दिन में 10 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करें गांवों में पर्याप्त बिजली कर्मियों की नियुक्ति की जाए ग्रामीण व खेतों की बिजली की लाइन का मरम्मत- बदलने का काम मार्च- अप्रैल में किया जाए

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