फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिसार में खेती को बचाने के लिए किसानों की सरकार से गुहार

प्रदेश में पानी की अव्यवस्था और कमी के चलते सयुंक्त जल संघर्ष समिति ने सड़क पर उतर कर विरोध जताया।विरोध प्रदर्शन एवं रोष मार्च में जिले भर के किसान शामिल हुए। किसानों ने किसान एकता जिंदाबाद के नारे लगाए। किसानों को संबोधित करते हुए समिति प्रधान बिजेन्द्र बेनिवाल ,पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के महासचिव संदीप सिवाच ने कहा कि नहरों में पानी नहीं है। पिछले एक महीने से नहर सूखी होने के कारण किसानों को दिक्कत आ रही है। हिसार जिले में करीब 2.30 लाख हेक्टेयर में कपास की बिजाई होती है। खरीफ की फसलों में कपास सबसे महत्वपूर्ण फसल है। आधे से ज्यादा हरियाणा पानी के लिए तरस रहा है। सरकार ठोस प्रयास करने की बजाए सिर्फ बयानबाजी तक सीमित है। अगर सिंचाई नहीं हो सकेगी तो किस तरह से बिजाई हो सकेगी। हजारों लाखों किसानों को नुकसान होगा। समिति के महासचिव सतबीर पूनियां ने बताया कि भाखड़ा का पानी जबसे आया है तब से लेकर आज तक ऐसा कभी नहीं हुआ, कि इस तरह लोगों को पीने के पानी की बूंद बूंद के लिए तरसना पड़े। आज पूरे हरियाणा में भाखड़ा सिस्टम में पानी पर्याप्त सप्लाई ना मिलने के कारण सभी जगह पीने के पानी की ही कमी हो गई है। खेती के लिए तो पानी मिलने के कोई आसार लग ही नहीं रहा है। इस भंयकर स्थिति को देखते हुए सरकार को कड़े कदम उठाने चाहिएं।समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुरेन्द्र आर्य ने कहा कि हरियाणा व पंजाब की सरकारों को बताया जाएगा कि पानी पर अपनी नुरा कुश्ती को छोड़ कर जनहित में सोचें। पंजाब के मुख्यमंत्री को भी हठधर्मिता त्याग कर हरियाणा पंजाब के भाईचारे की कड़ी को मजबूत करने के लिए काम करना चाहिए, ना कि भाईचारा तोड़ने का काम करना चाहिए।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें