हांसी के चानौत गांव में चल रहे पेयजल आंदोलन लगातार उग्र रूप ले रहा है। भाखड़ा नहर से शहरी पाइपलाइन से टी जरिए पानी की मांग को लेकर चानौत गांव की धरना कमेटी की ओर से प्रेसवार्ता आयोजित की गई। इस दौरान समिति ने अमृत-2 योजना के तहत गांवों को पेयजल उपलब्ध कराए जाने से जुड़े दस्तावेज मीडिया के सामने रखे और दावा किया कि इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों को भी पानी उपलब्ध कराया जा सकता है। दस्तावेजों में अमृत-2 योजना के तहत कर्नाटक के सात गांवों को पेयजल उपलब्ध कराने का जिक्र है। धरना समिति की ओर से मामले की पैरवी कर रहे वकील विजय ने बताया कि उनकी टीम हाल ही में कर्नाटक गई थी, जहां अमृत-2 योजना का अध्ययन किया गया। उन्होंने बताया कि पहले सूचना के अधिकार RTI के तहत संबंधित दस्तावेज मांगे गए थे, लेकिन भविष्य में सरकार या अदालत की ओर से किसी भी जवाब-तलब की संभावना को देखते हुए टीम ने स्वयं मौके पर जाकर पूरे मामले की जांच-पड़ताल की। धरना कमेटी के वकील विजय ने बताया कि उनकी टीम कर्नाटक के बीदर जिले के अंतर्गत आने वाले ओरद शहर के पास स्थित ब्याहली गांव पहुंची। उनके अनुसार, वहां से करीब 42 किलोमीटर दूर ओरद शहर तक अमृत-2 योजना के तहत पेयजल पाइपलाइन बिछाई गई है। वर्ष 2023 में स्थानीय भाजपा विधायक और काउंसलर की मांग पर पाइपलाइन के बीच पड़ने वाले छह गांवों को भी टी-कनेक्शन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया गया।