रूस की सेना में जबरन भर्ती करने के बाद यूक्रेन में फंसे गांव कुम्हारिया के दो युवकों का 20 दिन बाद भी परिवार से संपर्क नहीं हो पाया है। 11 सितंबर की सुबह गांव कुम्हारिया के अंकित और विजय ने परिवार को आखिरी बार मैसेज के जरिए सूचना दी थी। मंगलवार को परिवार फिर से लघुसचिवालय में अधिकारियों के पास पहुंचे और अंकित और विजय को सुरक्षित वापस लाने की गुहार लगाई। इस दौरान अंकित के भाई रघुबीर ने बताया कि विदेश मंत्रालय ने रूस में फंसे 27 लोगों की सूची जारी की है। इसमें गांव कुम्हारिया के अंकित और विजय भी शामिल है। ऐसे में उन्हें उम्मीद जगी है कि सरकार प्रयास कर रही है। ये वह लोग है जिन्हें जबरन रूसी सेना में भर्ती करके यूक्रेन के खिलाफ मैदान में उतारा गया है। पीएम मोदी के नाम की लगाएंगे सवामणि लघुसचिवालय पहुंचे अंकित के भाई रघुबीर ने बताया कि 20 दिन से संपर्क न होने के कारण परिवार परेशान है। बार-बार मोबाइल को देखते है कि मैसेज न आया हो और ऑनलाइन हुए या नहीं हुए है। कई बार विदेश मंत्रालय के चक्कर काट चुके है। यहां तक मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से भी मिल चुके है। उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विश्वास है और वह मदद जरूर करेंगे। उन्होंने पीएम मोदी के नाम की सवामणि बोली है, लौटने पर भोग लगाया जाएगा। रघुबीर ने बताया कि परिवार परेशान है और खाना-पीना भी न के बराबर हो गया है। मां-बाप बार-बार बीमार हो रहे है।