नगर परिषद में मंगलवार को हुई बजट बैठक में जमकर हंगामा हुआ। पार्षद पहले अधिकारियों पर गुस्सा निकालते रहे लेकिन बाद में फाइनेंस कमेटी के पार्षद सदस्य प्रतिनिधि अनिल गर्ग और पार्षद निर्मल सिवाच के बीच नोंक-झोंक हो गई। दोनों के बीच खूब तू-तड़ाक हुई। हंगाम के बीच नगर परिषद चेयरमैन राजेंद्र सिंह खिंची खड़े हो गए और बैठक बीच में खत्म कर दी गई। इसके चलते नगर परिषद बैठक में 39 करोड़ का बजट पास नहीं हो पाया। वहीं नगर परिषद के कार्यकारी अभियंता राकेश पूनिया का भी बैठक शुरू होने से पहले ट्रांसफर हो गया। राकेश पूनिया का डबवाली से नारनौल ट्रांसफर किया गया है। पूनिया को फतेहाबाद नगर परिषद का अतिरिक्त कार्यभार दिया था। इसके कारण भी पार्षद खफा थे और पहले बैठक में आने से ही इंकार कर दिया। सात पार्षद प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची के कार्यालय में बैठे रहे। पार्षदों ने पहले ही ऐलान कर दिया था कि विकास कार्य के टेंडर लगाने में भेदभाव हुआ है और वह बजट पास नहीं करेंगे। लेकिन एमई नरेंद्र पंवार और एसओ सुरेंद्र के मनाने पर बैठक में पहुंचे थे। जब पार्षदों ने एक-दूसरे को दिखाई उंगुली बैठक में पार्षद अनिल गर्ग और निर्मल सिवाच के बीच काफी तू-तड़ाक हुई। पार्षद निर्मल सिवाच ने फाइनेंस कमेटी के पार्षद सदस्य प्रतिनिधि अनिल गर्ग के खिलाफ काफी गुस्सा निकाला। सिवाच ने गर्ग से कहा कि एस्टीमेट तो अब बन जाएंगे, तुमने साइन तो नहीं किए। अब प्रधान की गोदी में बैठ गया। इस पर गर्ग ने पलटवार करते हुए कहा कि नहीं करूंगा साइन, मेरी मनमर्जी। बकवास ना कर ज्यादा। इसके बाद निर्मल सिवाच ने कहा कि इनका कार्यकाल खत्म हो गया है। अब हमें हमारे वार्ड के किसी काम पर इनके साइन नहीं करवाने हैं। इसके बाद पार्षद राजकुमार, पार्षद सुभाष नायक, रवि मेहता ने भी अपनी बात रखी। सिवाच ने कहा कि गर्ग ने खुद के वार्ड के टेंडर लगवा लिए और उनके वार्ड के एस्टीमेट पर हस्ताक्षर नहीं किए, क्यों कि उसमें इनके खुद के वार्ड के काम नहीं थे।