सीएचसी में शनिवार को ओपीडी सेवाएं पूरी तरह से बंद रही। इस दौरान मरीज इधर उधर भटकते नजर आए। बता दे कि डॉक्टरों द्वारा यह निर्णय करनाल जिले के घरौंडा में में ड्यूटी पर तैनात एक मेडिकल ऑफिसर के साथ हुई मारपीट व अवैध हिरासत में हुई घटना को लेकर आक्रोश पैदा होते हुए लिया गया है। बता दे कि बीते दिन 6 मार्च को एचसीएमएस की राज्य स्तरीय बैठक की गई थी। जिसमे प्रदेश के सभी जिलों के पदाधिकारियों से प्राप्त सुझाव ओर विचार विमर्श किया गया था। बैठक के दौरान फैंसला लिया गया कि उक्त घटना को लेकर समय पर कोई कार्यवाही न होने पर प्रदेश भर में डॉक्टरों की सेवाएं दे रहे डॉक्टरों में भारी रोष व्याप्त है। जिसे लेकर एसोसिएशन ने निर्णय लिया कि 7 मार्च को पूरे हरियाणा में सरकारी अस्पतालों की ओपीडी सेवा बन्द कर इसका विरोध जताया जाए। उन्होंने कहा कि इस वक्त पूरी एसोसिएशन पीड़ित डॉक्टर के साथ खड़ी है। बैठक में कहा गया कि आगे की रणनीति का निर्णय राज्य कार्यकरणी की बैठक में लिया जाएगा। बैठक के दौरान सबसे अहम फैंसला यह लिया गया कि विरोध के दौरान इमरजेंसी, लेबर रूम व पोस्टमार्टम की सेवाएं जारी रहेगी। बैठक के दौरान डॉक्टरों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में सबंधित एसएचओ व अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ उचित कार्यवाही करते हुए जल्द से जल्द न्याय दिलाया जाए। वही शनिवार को जाखल के सरकारी अस्पताल में अपना इलाज करवाने के लिए पहुँचे मरीजो ने बताया कि उन्हें सोमवार को आने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि आज उनकी पर्ची तक नही काटी गई। वही इस मामले में जानकारी देते हुए डॉक्टर कमलजीत ने कहा कि डॉक्टर के साथ हुए गलत व्यवहार को लेकर राज्य कमेटी के आह्वान पर यह फैंसला लिया गया है। उन्होंने बताया कि एमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर बाकी सभी सेवाएं बन्द कर दी गई है।