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1200 खिलाड़ियों के आयु सत्यापन की नहीं मिली व्यवस्था, तीन दिन तक अग्रोहा के चक्कर काटते रहे खिलाड़ी

फतेहाबाद। राज्य स्तरीय स्कूली खेल प्रतियोगिताओं में भागा लेने वाले खिलाड़ियों को एज वेरिफिकेशन टेस्ट करवाने की जरूरत नहीं है। शिक्षा विभाग निदेशालय ने इस संबंध में निर्देश जारी किए है। अब नेशनल में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को ही जरूरत पड़ेगी। बुधवार को नागरिक अस्पताल में आयु सत्यापन जांच करवाने के लिए खिलाड़ी पहुंचे लेकिन यहां पर व्यवस्था नहीं मिली। खिलाड़ियों ने उपायुक्त डॉ.विवेक भारती के सामने कहा कि दो दिन भटक रहे है और उन्हें कभी अग्रोहा भेजा जा रहा है तो कभी दूसरे ओपीडी के चक्कर कटवाए जा रहे है। डीसी ने अस्पताल प्रशासन को व्यवस्था करने के निर्देश दिए। नागरिक अस्पताल के अधिकारियों ने कहा कि यहां पर रेडियोलॉजिस्ट नहीं है, इसलिए अग्रोहा भेजा जा रहा है। - विभिन्न आयु वर्गों के 1200 खिलाड़ी स्टेट के लिए चयनित स्कूली खेल प्रतियोगिता में जिले से विभिन्न आयु वर्ग के 1200 खिलाड़ियों का राज्य स्तर के लिए चयन हुआ हैं। इनमें लड़के और लड़कियां दोनों शामिल हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने इन बच्चों के मेडिकल टेस्ट की व्यवस्था करवाने के लिए एडीसी और सीएमओ को पत्र लिख दिया था, हालांकि अब इस टेस्ट की जरूरत नहीं है। - रेडियोलाजिस्ट के बिना नहीं हो सकता टेस्ट नागरिक अस्पताल के एसएमओ डॉ.सुभाष का कहना है कि रेडियोलॉजिस्ट न होने के कारण खिलाड़ियों को अग्रोहा रेफर किया जा रहा है। एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी इमेजिंग तकनीकों का उपयोग करके हड्डियों की वास्तविक स्थिति और उम्र का पता लगाता है।आयु का सटीक पता लगाने के लिए शरीर के तीन हिस्सों के एक्स-रे किए जाते है। इनमें दो एक्स-रे हाथ व कूल्हे की हड्डियों के होते है, जबकि एक एक्स-रे दांतों का किया जाता है। ये सभी जांच अलग-अलग जगह पर होती है। इसके बाद पूरी रिपोर्ट लेकर फिजिशियन के पास जाना होता है और अंत में मुख्य चिकित्सा अधिकारी के पास जाकर सर्टिफिकेट जारी होता है। - शिक्षा विभाग निदेशालय की तरफ से निर्देश आए है कि राज्य स्तर के खेले के लिए एवीटी की जरूरत नहीं है। हालांकि प्रशासन को टेस्ट के लिए पहले अवगत करवा दिया गया था। फिलहाल खिलाड़ियों को राहत मिली है। डॉ.गौरीशंकर, डीपीई

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