फतेहाबाद जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित गांव चिंदड़ में मानसून की बारिश से लोगों को घर से बेघर कर दिया है। गांव में 700 घर है जिनमें से करीब 350 ढाणी है। इनमें से 200 से अधिक परिवार ढाणियों से निकलकर अन्य स्थानों पर पलायन कर चुके हैं। ये हालात तब है जबकि प्रशासन यहां पर 9 करोड़ से ज्यादा का पानी निकासी प्रोजेक्ट लगा चुका है। लेकिन बारिश के बाद हुए जलभराव में ये फेल हो गया। इस बार हुई मानसून लोगों के लिए आफत बनकर बरसी है। बारिश से जलभराव से लोग घर से बेघर होकर रिश्तेदारों के पास रहने को मजबूर हो गए है। गांव के चारों तरफ पानी ही पानी है। ग्रामीणों के अनुसार पिछले 15 वर्षो से लगातार जलभराव हो रहा है। इससे फसलें बर्बाद हो रही है। किसानों व मजदूरों की आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है। इसके बावजूद भी कोई अधिकारी या नेता जायजा लेने नहीं पहुंचा है। प्रशासन की ओर से जलनिकासी व सेम निर्वाण में करोड़ो खर्च किए जा चुके हैं। सेम निर्वाण व जलनिकासी में 9 करोड़ खर्च गांव चिंदड़ में सेम निर्वाण भूमि को सुधारने के लिए 18 सौर ऊर्जा का सयंत्र के ट्यूबवेल लगाकर नहर तक पाइप लाइन डालने का प्रोजेक्ट तैयार किया था। लेकिन यह प्रोजेक्ट अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। वहीं जलनिकासी के लिए सिंचाई विभाग की ओर से एसटीपी बनाकर दो पंप लगाकर नहर तक पाइप लाइन डाली गई थी। लेकिन पहली ही बारिश में पाइप जगह-जगह से लीक हो गई। इसके बाद से जलनिकासी का कोई प्रंबंध नहीं किया है।