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फतेहाबाद के टोहाना में सदर पुलिस ने दिलाए बीस लाख रुपये, ये था पूरा मामला

टोहाना के गांव चंदड़ कला में सदर पुलिस की मध्यस्थता से दो भाइयों के बीच 20 लाख रुपये को लेकर हुई गलतफहमी दूर हो गई। पुलिस ने बड़े भाई गुरमीत सिंह को उसके 20 लाख रुपये वापस दिलवाए और छोटे भाई गुरनाम सिंह के खिलाफ दर्ज चोरी की शिकायत भी वापस ली गई। यह मामला तब शुरू हुआ जब गुरमीत सिंह 17 जनवरी को अपने निजी कार्य से पंजाब के गांव लोगेंवाला गए थे। उन्होंने अपने घर की देखभाल की जिम्मेदारी छोटे भाई गुरनाम सिंह को सौंपी थी। गुरनाम सिंह दिन में कई बार गुरमीत के घर की निगरानी करता था। इसी दौरान गुरनाम को पता चला कि बड़े भाई के घर में लगे सीसीटीवी कैमरे खराब हैं और घर में 20 लाख रुपये नकद रखे हुए हैं। चोरी के डर से गुरनाम सिंह ने बिना बताए यह राशि अपने घर में सुरक्षित रख ली। जब गुरमीत सिंह वापस लौटे और उन्हें घर में पैसे नहीं मिले, तो उन्होंने गलतफहमी में सदर पुलिस में चोरी की शिकायत दर्ज करा दी। पुलिस ने मामले की जांच की और दोनों भाइयों के बीच मध्यस्थता की। गुरमीत सिंह ने पुलिस की संवेदनशीलता की सराहना करते हुए कहा कि कानून केवल सख्ती के लिए नहीं, बल्कि रिश्तों को बचाने के लिए भी होता है। उन्होंने सदर पुलिस के सहयोग से अपने 20 लाख रुपये की सुरक्षित बरामदगी और भाई के प्रति गलतफहमी दूर होने पर संतोष व्यक्त किया। गुरनाम सिंह ने बताया कि उसकी मंशा पूरी तरह साफ थी और वह अपने भाई के वापस आते ही पैसे लौटाना चाहता था। हालांकि, डर और झिझक के कारण वह इस बात को किसी को बता नहीं पाया था। गुरनाम सिंह 25 जनवरी को अपने खेतों के कार्य हेतु टोहाना आ गया। उसी दिन गुरमीत सिंह अपने परिवार के साथ पंजाब से घर लौट आए। अगले दिन 26 जनवरी को जब उन्होंने घर का सामान जांचा, तो घर में रखी 20 लाख रुपये की नकद राशि नहीं मिली। घबराहट और चिंता के माहौल में उन्होंने बिना अपने भाई गुरनाम से पूछे तुरंत सदर पुलिस को इसकी सूचना दी। शिकायत पर कार्यवाही करते हुए थाना सदर प्रभारी शादी राम टीम सहित मौके पर पहुंची, सीन ऑफ क्राइम टीम को भी बुलाया गया और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने जब गुरमीत सिंह के छोटे भाई गुरनाम सिंह से बातचीत की गई, तो उसने पूरी सच्चाई पुलिस को बता दी। उसने बताया कि कैमरे खराब होने और चोरी के डर से उसने बीस लाख रुपए अपने पास सुरक्षित रखे थे, लेकिन उसके भाई द्वारा शिकायत दर्ज करने के बाद से वह घबरा गया और किसी को सच नहीं बता पाया। उसने पुलिस के समक्ष अपने भाई को पूरी राशि वापस लौटाने की इच्छा जताई। गुरनाम ने बताया कि सदर पुलिस ने दोनों भाइयों को एक साथ बैठाकर समझाया गया कि एक दुसरे से बातचीत हुए है नहीं तो गलतफहमी का कारण बन सकती है।

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