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फसलों के मुआवजे और गेहूं खरीद की शर्तों के खिलाफ किसानों का हल्ला बोल, फतेहाबाद लघु सचिवालय पर जोरदार प्रदर्शन

बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलों के मुआवजे तथा गेहूं व सरसों की सरकारी खरीद में लगाई गई नई शर्तों के विरोध में जिले के किसानों ने हुंकार भरी। अखिल भारतीय किसान सभा के आह्वान पर सैकड़ों किसान फतेहाबाद के लघु सचिवालय पर एकत्रित हुए और अपनी मांगों को लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे किसानों को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि एक तरफ कुदरत की मार ने किसानों की कमर तोड़ दी है, वहीं दूसरी तरफ सरकार खरीद प्रक्रिया में पेचीदा शर्तें लगाकर उनका शोषण कर रही है। प्रदर्शन के बाद किसान सभा के जिला प्रधान विष्णुदत्त शर्मा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम से मुलाकात की और मुख्यमंत्री के नाम पांच सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। किसानों ने अपने मांग पत्र के माध्यम से प्रशासन के सामने निम्नलिखित मुद्दे रखे। किसानों ने कहा कि बीमा कंपनियों द्वारा प्रीमियम काटने के बावजूद किसानों को क्लेम नहीं दिया गया है। साथ ही, जलभराव से प्रभावित गांवों विशेषकर जांडवाला बागड़ व अन्य के किसानों का बकाया मुआवजा तुरंत जारी किया जाए। सरसों और गेहूं की खरीद पर लगाई गई नई और जटिल शर्तें तुरंत हटाई जाएं और पहले की तरह सरल प्रक्रिया से खरीद शुरू की जाए। सरसों और गेहूं की फसल पर किसानों को 500 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जाए। मंडियों में सरकारी लैब और मार्केट कमेटी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित गांवों की तुरंत स्पेशल गिरदावरी करवाकर 50 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा पोर्टल खोला जाए। इसके अलावा गांव खाराखेड़ी व बड़ोपल के किसान भी एसडीएम से मिले और उन्हें ज्ञापन सौंपकर लंबित मुआवजा व बीमा राशि जल्द दिलवाने की गुहार लगाई। इस अवसर पर मनीष गोरखपुरिया, मा. हनुमानसिंह, संजीव पूनियां, सतबीर सिंह, रोहताश डूडी, मांगेराम, भगवान कुकणा, सुभाष भादू, अभय सिंह गोदारा, किशोरी लाल, मनीराम, हवा सिंह, मुकेश कुमार जांगू, अजय सिंह, अनिल कुमार, मदन माचरा, भाल सिंह साहु और दशरथ सहित भारी संख्या में किसान मौजूद रहे। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे

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