नगर परिषद टोहाना द्वारा बुधवार को न्यू प्रभाकर कॉलोनी व रेलवे रोड पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। इस दौरान जेसीबी मशीन से सड़क किनारे लगे बोर्ड, होर्डिंग और अस्थायी ढांचे हटाए गए। कार्रवाई के बीच न्यू प्रभाकर कॉलोनी के दुकानदारों ने प्रशासन पर भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने और बिना नोटिस तोड़फोड़ करने के गंभीर आरोप लगाए। इस दौरान पुलिस प्रशाशन भी मौके पर मौजूद रहा। दुकानदार तरसेम ने कहा कि उन्होंने बोर्ड बिल्कुल पीछे लगाए थे, फिर भी प्रशासन ने उन्हें तोड़ दिया। एक दुकानदार ने कैमरे पर कहा, "हमें कोई नोटिस नहीं दिया गया। दस मिनट का समय भी नहीं दिया। बीजेपी के पिट्ठुओं के रैंप तो पहले ही छोड़ दिए गए। यह कार्रवाई बंदा बहादुर की मूर्ति बनाने के नाम पर की जा रही है।" व्यापारियों ने आरोप लगाया कि 100 फुट चौड़ी सड़क 30 फुट की भी नहीं रह जाती, लेकिन कार्रवाई में चुनिंदा लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। वहीं, मौके पर मौजूद पार्षद प्रतिनिधि अमित भाटिया ने कार्रवाई को सही ठहराया। एक व्यक्ति ने कहा, "देर आए दुरुस्त आए। प्रशासन ने बहुत अच्छा काम किया। 100 फुट की सड़क पर कब्जे से जाम लगता था। अतिक्रमण शुरू से आखिर तक हटना चाहिए।" इस मामले पर नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी दीपक कुमार ने सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने से पहले अनाउंसमेंट करवाई गई थी। जिसने सामान नहीं हटाया, उसे उठा लिया गया। अतिक्रमण तो हटाना ही है। कार्रवाई के दौरान नगर परिषद का ट्रैक्टर व जेसीबी मौके पर मौजूद रहा। सैकड़ों की संख्या में लोग जुटे रहे। कुछ दुकानदार अपना सामान खुद हटाते दिखे, जबकि जेसीबी ने कई बोर्ड और होर्डिंग उखाड़ दिए। प्रशासन का कहना है कि शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।